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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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चमोली: चमोली में हुई जलप्रलय ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। यहां ग्लेशियर टूटने से मची तबाही के बाद विशेषज्ञों ने सरकार को एक बार फिर जलवायु खतरों को लेकर आगाह किया है। हर कोई प्रकृति का रौद्ररूप देखकर सहमा हुआ है, साथ ही आपदा की वजह क्या है, ये भी हर शख्स जानना चाहता है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस घटना का अध्ययन कर रहे हैं। आपदा को लेकर वैज्ञानिकों के पास अलग-अलग थ्योरी है, लेकिन एक बात तो तय है कि अवैज्ञानिक तरीके से ढहाये जा रहे पहाड़ों के चलते उत्तराखंड में प्राकृतिक संतुलन गड़बड़ा रहा है। इससे भूस्खलन की स्थिति पैदा हो रही है, भारी बाढ़ आ रही है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के सेवानिवृत्त अपर महानिदेशक त्रिभुवन सिंह पांगती भी चमोली आपदा के पीछे यही वजह मानते हैं। उन्होंने उत्तराखंड में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं पर गहरी चिंता जताई। साथ ही ये भी कहा कि प्रदेश में सुनियोजित विकास के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जानी चाहे, ताकि भविष्य में चमोली आपदा जैसी घटनाओं को रोका जा सके। त्रिभुवन सिंह पांगती चमोली के ऋषिगंगा में बाढ़ के कारण तबाह हुई बिजली परियोजना का हिस्सा भी रह चुके हैं।