टिम्मरसैंण गुफा में बने शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से उत्तराखंड आते हैं। यहां बर्फबारी के बाद गुफा में बर्फ का शिवलिंग आकार ले चुका है।
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Komal Negi
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Image: Timmarsain in chamoli garhwal
चमोली: चमोली जिले की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव मंदिर की यात्रा शुरू होने वाली है। सीमांत क्षेत्र में बसे महादेव के इस धाम को छोटा अमरनाथ के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल यहां अमरनाथ की तरह बर्फ से शिवलिंग तैयार होता है। टिम्मरसैंण गुफा में बने शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से उत्तराखंड पहुंचते हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना कर मनौती मांगते हैं। इन दिनों क्षेत्र में यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। टिम्मरसैंण मंदिर में बर्फ से बने शिवलिंग ने पूर्ण रूप ले लिया है। नीती घाटी से शिवलिंग की इस सीजन की पहली तस्वीर भी सामने आई है। इस तस्वीर में बाबा की गुफा के चारों तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। गुफा में बाबा बर्फानी आकार ले चुके हैं, लेकिन यहां पहुंचने के रास्तों में अब भी भारी बर्फ जमा है। जिस वजह से आम श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शनों के लिए मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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आपको बता दें कि टिम्मरसैंण महादेव मंदिर नीति गांव के पास स्थित है। इस गुफा रूपी मंदिर में शीतकाल के बाद अमरनाथ के शिवलिंग की तरह बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। मार्च महीने में बॉर्डर रोड से बर्फ हटाने के बाद स्थानीय लोग शिवलिंग के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में टिम्मरसैंण पहुंचते हैं। कुछ समय पहले तक सिर्फ स्थानीय लोग ही इस जगह के बारे में जानते थे, लेकिन अब यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आने लगे हैं। राज्य सरकार भी इस जगह को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए प्रयास कर रही है। टिम्मरसैंण बाबा बर्फानी गुफा में प्रवेश से पहले पहाड़ी से गिरने वाली जलधारा से भक्तों का स्नान होता है। ये जगह चमोली जिले के जोशीमठ से लगभग 82 किलोमीटर दूर है। टिम्मरसैंण आने वाले यात्रियों के लिए गमशाली बांपा और नीती समेत आसपास के गांवों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।