अब देवभूमि में भी होने लगी अफीम की अवैध खेती, पुरोला में 21 लोगों के खिलाफ कार्रवाई पकड़े गए आरोपी दूसरी फसलों की आड़ में अफीम की खेती कर रहे थे। अफीम को लेकर किसी को संदेह न हो इसके लिए खेत के चारों ओर दूसरी फसल बोई गई थी।
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Komal Negi
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Image: Opium farming in uttarkashi
उत्तरकाशी: उत्तराखंड में ड्रग माफिया सक्रिय हैं। एक तरफ पारंपरिक खेती से किसानों को नुकसान हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ज्यादा मुनाफे के लिए कुछ किसान अफीम की खेती करने लगे हैं। पर्वतीय अंचलों में दूसरी फसलों की आड़ में अफीम की खेती की जा रही है। उत्तरकाशी में भी यही हो रहा था। यहां राजस्व पुलिस ने अफीम की अवैध खेती करने के आरोप में 21 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। मामला पुरोला का है। जहां मोरी ब्लॉक के फते पर्वत पट्टी के गांवों में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। यहां अलग-अलग जगहों पर किसानों ने अफीम उगाई हुई थी। शिकायत मिलने पर राजस्व पुलिस ने जांच शुरू कर दी। प्रशिक्षु आईएएस और उपजिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में अफीम की अवैध फसल को नष्ट करने के लिए अभियान भी चलाया गया।
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अभियान के दौरान खेतों में पनप रहे अफीम के पौधों को नष्ट किया गया। साथ ही पौधों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। लैब से रिपोर्ट आने के बाद राजस्व विभाग ने 21 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। आरोपियों में अमर लाल, खरपत सिंह, उस्ताद सिंह, राम लाल, बंका सिंह, पन्दरू लाल, सिम्धू लाल, भीमी लाल, रतन चंद, गुणस लाल, दयालू, सुरम दास, भुंदरू, विनोद शर्मा, पंदी लाल, जिन्दू, सुनपुर, किरींद्र लाल, कुमदास, नत्थी सिंह और अर्जुन सिंह शामिल हैं। पकड़े गए लोग सट्टा, भीतरी, हडवाणी, सेवा और खंयासणी गांव के रहने वाले हैं। नायब तहसीलदार बलबीर शाह ने आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।