उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, बचपन में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें हरकी पैड़ी पर गुब्बारे बेचने पड़े। पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: Ganesh Joshi sold balloons in childhood
हरिद्वार: जिंदगी में जब लक्ष्य को पाने की लगन लग जाये, तो सफलता भी पीछे-पीछे दौड़ी चली आती है। जो लोग आकाश की ऊंचाई पर होने के बावजूद अपने पांव जमीन पर टिकाए रखते हैं, उन्हें कभी गिरने का डर नहीं सताता। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ऐसी ही शख्सियत हैं। उनका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। बचपन में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें हरकी पैड़ी पर गुब्बारे बेचने पड़े। हाल में जब गणेश जोशी हरिद्वार दौरे पर एक बार फिर हरकी पैड़ी पहुंचे, तो बचपन की यादें ताजा कर उनकी आंखें भर आईं। उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के बाद उन्हें सैनिक कल्याण और अन्य विभागों की जिम्मेदारी मिली है। बीते दिनों हरिद्वार में संतों का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया। गणेश जोशी ने बताया कि उनका जीवन हरकी पैड़ी पर गुब्बारे बेचते हुए बीता है। उनका हरिद्वार से इतना लगाव रहा कि बचपन में चौथी क्लास तक उन्होंने हरिद्वार में ही पढ़ाई की।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी कहते हैं कि जब परिवार में भाई-बहनों की संख्या बढ़ी तो पिता को लगा कि महंगे स्कूल में पढ़ाने के लिए बच्चे को काम पर लगाना जरूरी होगा। इस तरह पिता के आदेश का पालन करते हुए गणेश जोशी हरकी पैड़ी पर गुब्बारे बेचने लगे। उनका बचपन हरिद्वार के कनखल और भीमगोडा स्थित गलियों में गुजरा है। गणेश जोशी ने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन खुद को टूटने नहीं दिया, हार नहीं मानी। मसूरी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले गणेश जोशी अब तीरथ सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हरिद्वार में संतों का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने कहा कि कुंभ में आने के लिए मौजूदा सरकार किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाना चाहती थी, लेकिन हमें हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना होगा। उम्मीद है पाबंदी के बावजूद अलग-अलग राज्यों से लोग यहां पर पहुंचेंगे और संतों का आशीर्वाद लेंगे।