Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
देहरादून: बदलते वक्त के साथ अपराध के तौर-तरीके भी बदले हैं। अपराधी हाइटेक हो गए हैं, ऐसे में अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस को भी स्मार्ट बनाने की जरूरत है। उत्तराखंड में इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सीपीयू और चीता टीम में तैनात पुलिसकर्मियों को शॉर्ट रेंज वेपन से लैस करने की तैयारी है। पुलिसकर्मियों को रिवॉल्वर और पिस्तौल से लैस किया जाएगा। इस तरह अब पुलिसकर्मियों को बदमाशों से निपटने के लिए सिर्फ लाठी-डंडों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत उन्हें शॉर्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय को एक हजार पिस्तौल और रिवॉल्वर खरीदने की मंजूरी दे दी है। पुलिस मुख्यालय अगले महीने इन हथियारों की खरीद शुरू कर सकता है। योजना के पहले चरण में चार मैदानी जिलों के पुलिसकर्मियों को शॉर्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे। इन जिलों में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल शामिल हैं। बता दें कि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार सीपीयू और चीता पुलिस को स्मार्ट बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इस योजना के तहत पुलिसकर्मियों को बॉडी कैम युक्त ड्रेस, शॉर्ट रेंज वेपन और अन्य हाईटेक उपकरणों से लैस किया जाना है। आगे पढ़िए
बॉडी कैम युक्त नई ड्रेस की खरीद के लिए पुलिस मुख्यालय को मंत्रालय से अनुमति मिल चुकी है। शॉर्ट रेंज वेपन के लिए भी स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए मुख्यालय ने इसी जनवरी में भारत सरकार के गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था। जिसे स्वीकार कर लिया गया है। हथियार खरीदने के लिए मंत्रालय की तरफ से 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को थ्री नॉट थ्री और सेल्फ लोडिंग राइफल यानी एसएलआर के बोझ से राहत देने की भी तैयारी चल रही है। थ्री नॉट थ्री का वजन ज्यादा होने की वजह से पुलिसकर्मियों को परेशानी होती है। इनकी जगह पुलिसकर्मियों को इन्सास राइफल देने की योजना है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक सीपीयू और चीता पुलिस को जल्द ही शॉर्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे। मंत्रालय से एक हजार वेपन खरीदने की अनुमति मिल गई है। मैदानी जिलों के बाद प्रदेश के बाकी जनपदों में भी पुलिस को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।