पहाड़ के ऋषभ पंत ने पास किए क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट..भारतीय टीम की तलाश खत्म

पिछले साल पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई थी। ऐसे वक्त में ऋषभ पंत भारतीय क्रिकेट टीम के लिए उम्मीद बनकर उभरे हैं।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Mahendra Singh Dhoni Rishabh Pant: Rishabh Pant replaced Mahendra Singh Dhoni
Image: Rishabh Pant replaced Mahendra Singh Dhoni

पिथौरागढ़: पिथोरागढ़ के गंगोलीहाट के एक लड़के ने अपनी मेहनत के दम पर क्रिकट की दुनिया में नया मुकाम हासिल किया है। इंडियन क्रिकेट टीम के बल्लेबाज-विकेटकीपर ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया से लेकर इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज तक शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने न सिर्फ शानदार बल्लेबाजी की, बल्कि विकेटकीपिंग में भी उम्दा प्रदर्शन किया। उन्हें पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का विकल्प माना जा रहा है। महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी की सभी ट्रॉफियां जितवाईं। उन्हें दुनिया के बेहतरीन कप्तानों में गिना जाता है। पिछले साल उनके क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई थी। ऐसे वक्त में ऋषभ पंत भारतीय क्रिकेट टीम के लिए उम्मीद बनकर उभरे हैं। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के उपकप्तान रहे ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे और फिर इंग्लैंड के खिलाफ चल रह सीरीज में शानदार बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग का प्रदर्शन किया। उन्होंने न सिर्फ विकेट के पीछे टीम का साथ दिया, बल्कि विकेट के आगे भी धमाकेदार पारी खेलकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

यह भी पढ़ें - देहरादून में लॉकडाउन रिटर्न! 2 इलाके बने कंटेनमेंट जोन..यहां भूलकर भी मत जाना
उन्होंने टेस्ट मैच, टी-20 और वनडे मैचों में शानदार प्रदर्शन कर खुद को साबित किया है। इसी के साथ क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में उनकी जगह पक्की हो गई है। वनडे मैच में उनकी पारी पर नजर डालें तो अंपायर द्वारा दो बार आउट दिए जाने पर बेधड़क डीआरएस लेकर उन्होंने ये भी साबित कर दिया है कि भविष्य में वो इस मामले में भी धोनी के नक्शेकदम पर चल सकते हैं। ऋषभ पंत भारतीय टीम के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्हें खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। वो हमेशा से आलोचकों के निशाने पर रहे, लेकिन आखिरकार वो आलोचकों को अपने बल्ले से जवाब देने में कामयाब रहे। अपने शानदार खेल की बदौलत ये युवा खिलाड़ी आज उस मुकाम पर पहुंच गया है, जहां उसे किसी को जवाब देने की जरूरत नहीं रही।