चमोली ग्लेशियर हादसा: 8 मौत, 6 की हालत गंभीर..391 लोग बचाए गए..रेस्क्यू अभियान जारी

चमोली जिले में कई दिनों से हो रही बर्फबारी नीति घाटी में स्थित भारत-चीन सीमा के सुमना पर आफत बनकर टूट पड़ी है और सुमना के पास ग्लेशियर टूटने का कारण भी भारी बर्फबारी बताया जा रहा है।
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Chamoli Glacier Broken: Chamoli Sumna Glacier Burst Latest update
Image: Chamoli Sumna Glacier Burst Latest update

चमोली: चमोली जिले के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रकृति चमोली जिले पर कहर बरसा रही है। हाल ही में चमोली के तपोवन में भीषण आपदा आई थी जिसमें सैकड़ों परिवारों के चिराग बुझ गए थे। उस दिल दहला देने वाली आपदा से चमोली जिला अब तक उबर नहीं पाया है कि एक बार फिर से चमोली जिले में ग्लेशियर टूट गया है। जी हां, उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बर्फबारी चमोली जिले में आफत बनकर टूट पड़ी है और यहां पर बीते शुक्रवार को भारत-चीन सीमा पर सुमना के पास भी ग्लेशियर टूट गया है और रात से ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान और जिला प्रशासन राहत बचाव कार्य में लगा हुआ है। आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को चमोली जनपद से लगे भारत-चीन तिब्बत सीमा क्षेत्र सुमना में सीमा सड़क संगठन बीआरओ के कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया। इसके बाद वहां पर अफरा-तफरी मच गई।

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बता दें कि पिछले 3 दिनों से नीति घाटी में लगातार बर्फबारी हो रही है जिस कारण वहां पर मौसम काफी अधिक बिगड़ा हुआ है और बर्फबारी ही ग्लेशियर के टूटने का मुख्य कारण बताई जा रही है। वाडिया इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ कालाचंद साईं का कहना है कि पिछले 3 दिनों से नीति घाटी में बर्फबारी हो रही है और जिस वजह से उच्च हिमालई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बर्फ जमा हो गई है। ग्लेशियर टूटने की मुख्य वजह यही बताई जा रही है। सुमना में बीआरओ के मजदूर सड़क निर्माण कार्य में जुटे हुए थे और पिछले 3 दिनों से नीति घाटी में अत्यधिक बर्फबारी हो रही थी जिस कारण यह हादसा हुआ। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी के जवान और जिला प्रशासन की टीम राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है और अब तक 8 शव बरामद कर लिए गए हैं। 391 लोगों को वहां से बचाया जा चुका है और 6 लोगों की हाल गंभीर बताई जा रही है। सीएम तीरथ सिंह रावत ने हादसे के बाद से ही वहां पर सभी निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है ताकि भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना न घट सके।

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ग्लेशियर टूटने की घटना का गृह मंत्री अमित शाह ने भी तुरंत संज्ञान लिया है और उन्होंने सीएम तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड की पूरी मदद का आश्वासन दिया है। वहीं तीरथ सिंह रावत हादसे के बाद से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद से ही चमोली जिले के लगातार अपडेट ले रहे हैं और पूरे हादसे की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम रावत आज सुबह खुद चमोली जिले के लिए रवाना हो गए हैं और उन्होंने आज सुबह आपदा ग्रस्त क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शुक्रवार की रात से ही सेना राहत बचाव कार्य में लगी हुई है और परिस्थितियां कंट्रोल करने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। उनका कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से भी उत्तराखंड को पूर्ण सहयोग देने की बात कही गई है। सीएम तीरथ सिंह रावत ने एनटीपीसी और अन्य परियोजनाओं में रात के काम करने पर रोक लगाने के आदेश दे दिए हैं। अभी तक 391 लोगों के सुरक्षित मिलने की जानकारी मिली है। हादसे में 6 शव बरामद कर लिए गए हैं और 4 लोग घायल हो रखे हैं जिनका इलाज चल रहा है।