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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक सुखद खबर सामने आई है जहां पर जंगलों में दुर्लभ हिमालयन उड़ने वाली लाल गिलहरी का जोड़ा कैमरे में कैद हुआ है। इसको उड़न गिलहरी भी कहा जाता है। बता दें कि पिथौरागढ़ के गार्जिला गांव के जंगलों में उड़ने वाली लाल गिलहरी का यह अद्भुत और अनोखा जोड़ा देखा गया है। 1 साल पहले यह दुर्लभ गिलहरी रुद्रप्रयाग के जंगलों में दिखाई दी गई थी। इस गिलहरी का वैज्ञानिक नाम टेरोमायनी है। बता दें कि यह गिलहरी शाकाहारी होती है और रात में ही अपने भोजन की तलाश में निकलती है। मध्य हिमालय में पाई जाने वाली है उड़ने वाली लाल गिलहरी नेवले के आकार की होती है और वह अपने पंजों को पैराशूट की तरह इस्तेमाल कर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर ऊंची छलांग लगाने के लिए जाने जाती है। आपको यह सुनकर आश्चर्य होगा कि यह गिलहरी 30 से 40 फीट तक संतुलन बनाकर अपने पंजों का इस्तेमाल कर छलांग लगा सकती है। जब से पिथौरागढ़ के जंगलों में लाल गिलहरी का जोड़ा देखा गया है तब से यह कौतूहल का विषय बना हुआ है।