उत्तराखंड के होनहार को मिला बड़ा जिम्मा..NHRC के कार्यकारी अध्यक्ष बने प्रफुल्ल पंत

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिथौरागढ़ मूल के न्यायामूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। ये उनके साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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Praful Pant: Praful Pant becomes executive chairman of NHRC
Image: Praful Pant becomes executive chairman of NHRC

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के होनहार लाल केंद्र में अहम पदों पर सेवाएं देकर देवभूमि का मान बढ़ा रहे हैं। इनमें अब न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत का नाम भी शामिल हो गया है। मूलरूप से पिथौरागढ़ के रहने वाले न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें अहम जिम्मेदारी मिलने से पिथौरागढ़ के साथ-साथ पूरे राज्य में हर्ष का माहौल है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिथौरागढ़ मूल के न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया, जो कि पूरे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। पिथौरागढ़ के मूल निवासी प्रफुल्ल चंद्र पंत का जन्म 30 अगस्त 1952 को हुआ था। एक छोटे से पहाड़ी क्षेत्र से निकल कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसे अहम पर पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन कठिन मेहनत की बदौलत वो हर बाधा को पार करते चले गए। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया। फिर लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की उपाधि ली। साल 1973 में उन्होंने बार काउंसिल इलाहाबाद और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस शुरू की। साल 1990 में उन्हें उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में पदोन्नत किया गया। आगे पढ़िए

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वो नैनीताल हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल और सत्र न्यायाधीश के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं। 29 जून 2004 को उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश पद की शपथ ली। 19 फरवरी 2008 को उन्हें उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति मिली। साल 2013 में प्रफुल्ल चंद्र पंत को मेघालय उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 13 अगस्त, 2014 को उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद की शपथ ली। प्रफुल्ल चंद्र पंत 3 साल तक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं। साल 2019 में पंत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य चुने गए थे। अब वो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। उनकी उपलब्धि कई मायनों में खास है। न्यायमूर्ति प्रफुल्ल पंत उत्तराखंड मूल के पहले ऐसे शख्स हैं जो जिला कोर्ट के न्यायाधीश, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसे अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।