गढ़वाल: थलीसैंण ब्लॉक की गीता को बधाई..शादी में शराब की जगह परोसा ताज़ा बुंरास का जूस

थलीसैंण ब्लॉक की रहने वाली गीता ने अपने पिता से सगाई के वक्त ही बता दिया था कि उसके विवाह में किसी प्रकार की शराब नहीं पिलाई जाएगी
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Pauri Garhwal News: Liquor ban in Pauri Garhwal Geeta wedding
Image: Liquor ban in Pauri Garhwal Geeta wedding

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी जनपद में आयोजित होने वाले शादी समारोह में शराब परोसने पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रयास तो किये जाते हैं लेकिन फिर भी शादी समारोह में शराब परोसना एक फैशन के रूप में देखा जा रहा है जिसमें की युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं और नशे की प्रवृत्ति की तरफ आकर्षित हो रही है लेकिन समाज में शराबबंदी को लेकर एक युवती मिसाल बनकर सामने आई है, पौड़ी जनपद के थलीसैंण ब्लॉक की रहने वाली गीता ने अपने पिता से सगाई के वक्त ही बता दिया था कि उसके विवाह में किसी प्रकार की शराब नहीं पिलाई जाएगी। केवल पकवानों पर ही ध्यान दिया जाएगा और सभी मेहमानों को पारंपरिक भोजन मुहैया करवाए जाएंगे ताकि उसका विवाह बेहतर तरीके से संपन्न हो सके और दुल्हन के पिता ने किए हुए वादे को पूरा करते हुए बुरास का जूस पिलाकर शादी को संपन्न करवाया।

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पौड़ी के पैठाणी के समीप स्थित कनाकोट धोलाण गांव में आयोजित हुए विवाह में दुल्हन गीता के प्रयासों से शराब की जगह सभी लोगों को बुरांस का जूस पिलाया गया जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस विवाह की चर्चाएं हो रही है दुल्हन के पिता बलवंत सिंह की ओर से बताया गया है शादी जैसे मौके पर पहाड़ी इलाकों में मेहमाननवाजी को देखते हुए शराब परोसना जैसे अनिवार्यता बन गया है लेकिन उनकी पुत्री द्वारा सगाई के वक्त ही उनसे वादा ले लिया क्या था कि उसके विवाह में शराब नहीं परोसी जाएगी जिसको देखते हुए उन्होंने अपनी बेटी को किये हुए वादे को पूरा किया और विवाह में शराब के स्थान पर सभी लोगों को बुरांस का जूस और पहाड़ी व्यनंजन खिलाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के विवाह को यादगार बनाने के लिए विदाई के मौके पर घर के आंगन में दूल्हा दुल्हन के हाथों एक नारंगी का पौधा भी लगाया गया जिसकी जिम्मेदारी पुत्री की माता को दी गई है जो इस पौधे का अपनी बेटी की तरह रखरखाव और संरक्षण करेगी, वहीं इस विवाह के संपन्न होने के बाद पूरे क्षेत्र में काफी चर्चाएं भी हो रही है।