ये है जलवा..उत्तराखंड के गौरव ने लंदन में जीता चुनाव, लगातार 13 साल से जीत रहे शख्स को हराया

अल्मोड़ा के गौरव पांडे ने लंदन के डर्बी शहर के निकाय चुनाव में जीत का डंका बजा दिया है। बीते 13 सालों से चुनाव जीत रहे पॉल जेम्स को अल्मोड़ा के गौरव पांडे युवा ने चुनाव में मात दे दी
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Uttarakhand Gaurav Pandey: Gaurav Pandey of Uttarakhand won election in London
Image: Gaurav Pandey of Uttarakhand won election in London

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के युवा देश-विदेश में राज्य का नाम ऊंचा कर रहे हैं। अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर वे हर बार दुनिया के सामने सितारे बनकर उभरते हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा से भी ऐसी ही एक गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आ रही। आपको याद होगा कि लंदन के डर्बी में हाल ही में निकाय चुनाव हुए थे जिनमें उत्तराखंड के 2 युवाओं ने अपनी दावेदारी पेश की थी। चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। आपको यह सुनकर गर्व होगा कि अल्मोड़ा के गौरव पांडे ने लंदन के डर्बी शहर के चुनाव में जीत का डंका बजा दिया है और देवभूमि का नाम रोशन किया है। गौरव पांडे निकाय चुनाव के लिए काउंसलर पद का चुनाव जीत चुके हैं और उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की है। बता दें कि उन्होंने 4 प्रत्याक्षियों को पछाड़ कर जीत का डंका बजा दिया है। बीते 13 सालों से चुनाव जीत रहे पेग को अल्मोड़ा के गौरव पांडे ने मात दे दी है और उन्होंने निकाय चुनाव में जीत हासिल की है। अल्मोड़ा के चामी गांव के गौरव पांडे उत्तराखंड क्रांति दल प्रवासी मोर्चा के सक्रिय सदस्य हैं और वे पिछले 4 वर्षों से ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी से जुड़े हुए हैं। कंजरवेटिव पार्टी ब्रिटेन की सत्तारूढ़ पार्टी है और काफी अधिक लोकप्रिय है। आगे पढ़िए

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अल्मोड़ा के गौरव पांडे मैकवर्थ एंड मॉर्ले वार्ड से कंजरवेटिव पार्टी के लिए काउंसलर पद के उम्मीदवार थे। गौरव पांडे 4 वर्ष से इस पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे 2005 में ब्रिटेन में आए थे। उन्होंने उधमपुर के केंद्रीय विद्यालय से 12वीं की और उसके बाद आईएचएम लखनऊ से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। उसके बाद 2005 में वे ब्रिटेन आए और तब से वह ब्रिटेन में नौकरी कर रहे हैं। गौरव का मुकाबला डर्बी के पूर्व मेयर के साथ था और गौरव के विपक्ष में 5 प्रत्याशी थे जिन को पछाड़कर वे यह चुनाव जीत गए हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गौरव पांडे ने लगातार पांच बार इस चुनाव में हार का सामना किया। पांच बार चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और इस बार चुनाव में अपनी जान लगा दी अपने कठिन परिश्रम के साथ उन्होंने छठे प्रयास में यह चुनाव जीत लिया है। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपनी पत्नी को दिया है। आगे पढ़िए

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गौरव पांडे का कहना है कि सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम के साथ आपके अंदर एक जिद होनी जरूरी है और अगर इरादा पक्का हो तो सफलता मिलकर ही रहती है। गौरव पांडे मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा के चामी गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म उड़ीसा में हुआ और उसके बाद उनका परिवार जम्मू में जाकर बस गया। 2003 में गौरव शेफ के तौर पर लंदन के डर्बी शहर चले गए और वहां पर कुछ वर्ष के बाद वे फूड हाइजीन संबंधी प्रशिक्षण देने लगे और इसी दौरान उनका रुझान राजनीति की ओर हुआ और वे कंजरवेटिव पार्टी से जुड़ गए। गौरव 2015 से लगातार निकाय चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनको लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है और इस बार वे 13 साल से जीत रहे पॉल जेम्स पेग को हरा कर जीत का डंका बजाया है। गौरव पांडे ने अपनी जीत का श्रेय अपनी पत्नी गिन्नी सच्चर को दिया है। गौरव पांडे की माता और उनकी बहन दोनों उधमपुर में रहते हैं। उनके बड़े भाई का पूरा परिवार अहमदाबाद में रहता है। सभी ने गौरव पांडे की इस उपलब्धि के ऊपर खुशी जताई है। वहीं उक्रांद के केंद्रीय संगठन मंत्री गिरीश गोस्वामी ने भी गौरव की जीत पर प्रसन्नता जताई है।