अगर युवाओं के लिए वैक्सीनेशन शुरू ही नहीं हुआ है, तो खानपुर विधायक चैंपियन के 25 वर्षीय बेटे दिव्य प्रताप को कैसे वैक्सीन लगा दी गई।
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Komal Negi
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Image: 25-year-old son of MLA Kunwar Pranab Singh Champion gets corona vaccine
हरिद्वार: किसी ने सच ही कहा है, नियम-कायदे तो बस आम लोगों के लिए है। सत्ता की हनक के सामने इनकी कोई बिसात नहीं। अब हरिद्वार जिले का ही मामला देख लें, जहां खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के 25 वर्षीय बेटे को कोरोना वैक्सीन लगा दी गई। जबकि प्रदेश के लाखों युवा अब भी अस्पतालों के धक्के खा-खाकर वापस लौट रहे हैं। अस्पतालों में रटा-रटाया जवाब मिल रहा है कि अभी वैक्सीन नहीं है। युवाओं के लिए दस मई से वैक्सीनेशन शुरू होगा। ऐसे में सवाल यही है कि अगर युवाओं के लिए वैक्सीनेशन शुरू ही नहीं हुआ है, तो खानपुर विधायक चैंपियन के 25 वर्षीय बेटे दिव्य प्रताप को कैसे वैक्सीन लगा दी गई। आम आदमी पार्टी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। आप के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जोशी ने कहा कि विधायक के बेटे को बैकडोर से वैक्सीन देना, प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ सरासर धोखा है। घोषणा के बावजूद प्रदेश में तय समय पर 18 से 44 वर्ष तक के युवाओं का टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया, लेकिन राज्य सरकार के प्रभावशाली लोग अपने चहेतों को बैकडोर से वैक्सीन लगवा रहे हैं। आगे पढ़िए
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दिव्य प्रताप अभी सिर्फ 25 साल के हैं, इसके बावजूद उनका टीकाकरण हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी नियमों को ताक पर रखकर विधायक के बेटे पर मेहरबानी दिखाई। वैक्सीन न लगने से प्रदेश के कई युवा संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, इलाज के दौरान दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में खास लोगों पर सरकार की मेहरबानी होना बेहद शर्मनाक है। वहीं विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने भी इन आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले में टीके उपलब्ध हैं। इसलिए 18 से 44 आयुवर्ग के युवाओं को भी टीके लग रहे हैं। चैंपियन के मुताबिक उनका बेटा कोरोना काल में लोगों की सेवा कर रहा है, कोरोना वॉरियर होने के चलते उसका टीकाकरण हुआ है। विपक्षी नेता चाहें तो हम उनको भी टीका लगवा सकते हैं। आज के वक्त में हमारी प्राथमिकता हर जीवन बचाने की होनी चाहिए, न कि राजनीति करने की।