पहाड़ में खाकी ने पेश की मिसाल..संकटकाल में 22 बेसहारा बुजुर्गों को गोद लिया

भिकियासैंण में खाकी ने पेश की इंसानियत की मिसाल। इस महासंकट में पुलिस ने गोद लिए 22 एकाकी जीवन जी रहे बेसहारा बुजुर्ग। पढ़िए अल्मोड़ा से आई यह सुखद खबर-
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Almora News: Almora Police Adopts 22 Elders
Image: Almora Police Adopts 22 Elders

अल्मोड़ा: कोरोना की इस दूसरी लहर के बीच में खाकी ने एक बार फिर से इंसानियत की जीती-जागती मिसाल पेश की है और यह साबित कर दिया है कि मुश्किल के इस दौर में पुलिस हमेशा ही जनता के साथ खड़ी हुई है। उत्तराखंड में खाकी का दिलदार रूप देखने को मिला है। हर तरफ दुखदाई खबरों के बीच ऐसी खबरें चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती हैं। यह सुखद खबर आ रही है अल्मोड़ा जिले से। यह समय बेहद मुश्किल है और इस मुश्किल समय में अल्मोड़ा के भिकियासैंण में कर्मठ पुलिसकर्मी संक्रमित मरीजों और जरूरतमंदों की सेवा तो कर ही रहे हैं इसी के साथ अब भिकियासैंण में पुलिसकर्मियों ने बेसहारा बुजुर्गों को गोद लेने की अनूठी पहल की शुरुआत भी की है। इस मुश्किल दौर में कई बुजुर्ग एकाकी जीवन जीने पर मजबूर हैं। न पास में खाने के लिए एक वक्त का अनाज है और न ही घर में कोई कमाने वाला। ऐसे बुजुर्गों को मजबूरी में दिन काटने पड़ रहे हैं। ऐसे ही बेबस, हताश और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए अल्मोड़ा के भिकियासैंण के पुलिसकर्मी देवदूत बनकर सामने आए हैं और उन्होंने बेसहारा बुजुर्गों को गोद लेने की पहल की शुरुआत की है। कप्तान पंकज भट्ट ने उत्तराखंड में चलाए जाने वाला "मिशन हौसला", मुहिम के तहत विकासखंड में एकाकी जीवन जी रहे 22 बुजुर्गों को गोद लेकर उनको इस महामारी और मुश्किल समय में हौसला और हिम्मत प्रदान की है

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दरअसल कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बुजुर्गों को हिम्मत एवं हौसला देने के लिए और उनकी सेवा करने के लिए डीजीपी अशोक कुमार ने " मिशन हौसला " नामक एक सराहनीय मुहिम की शुरुआत की थी। अल्मोड़ा जिले में भी यह मुहिम जोरों-शोरों से चल रही है। जिले के एसएसपी पंकज भट्ट के निर्देशन में बीते रविवार को भजरौजखान थाना क्षेत्र में स्थित भिकियासैंण, देवरापानी, टोटम समेत अन्य चिन्हित गांवों में पुलिसकर्मियों ने एकाकी जीवन बिता रहे 22 बुजुर्गों को गोद लिया है। पुलिस ने इन जरूरतमंद बुजुर्गों के घर पर राशन, जीवन रक्षक दवाएं और अन्य महत्वपूर्ण सामान पहुंचाया। इस मुहिम में थाना एसओ अनीस के साथ ही एसआई देवेंद्र सामंत, हेमा कार्की, कॉन्स्टेबल भूपेंद्र बिष्ट, नवीन पांडे, सतपाल सिंह, जीवन फुलारा आदि पुलिसकर्मी शामिल रहे। बता दें कि इन थाने ने 22 बेसहारा बुजुर्गों को सैनिटाइजर, मास्क संक्रमण से संबंधित अन्य जरूरी चीजें और राशन पहुंचाया और उनको आगे भी मदद का आश्वासन दिया। बुजुर्गों को यह भी बताया गया कि अगर उनको किसी भी अन्य सामान, दवा या खाने-पीने की जरूरत पड़े तो वे अपने ग्राम प्रधान को इस बारे में सूचित करें ताकि थाने में सूचना मिलने पर बुजुर्गों तक आवश्यक सामग्री को पहुंचाया जा सके। वाकई कोरोना काल में उत्तराखंड पुलिस "हौसला अभियान " को सफल बनाने में दिन-रात जुटी हुई है और बिना थके ड्यूटी कर रही है जो की बेहद सराहनीय है।