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देहरादून: देहरादून से मसूरी के बीच 5580 मीटर लंबा एरियल पैसेंजर रोपवे सिस्टम बनेगा। इसके लिए आइटीबीपी मसूरी में 1500 वर्ग मीटर जमीन को बाजार दरों पर उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना से उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अब आपको इस योजना के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। भारत सरकार की इस परियोजना को पीपीपी मोड के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लोवर टर्मिनल की ऊंचाई 958.20 मीटर होगी। इसके अलावा इसके अपर टर्मिनल स्टेशन की ऊंचाई 1996 मीटर है। इस रोपवे सिस्टम में 258 करोड़ की लागत आनी है। एक बार में यह रूप में सिस्टम एक तरफ से प्रति घंटा 1000 यात्री ला सकेगा। जाहिर है इस रूप में सिस्टम के बनने के बाद उत्तराखंड में पर्यटन पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह विश्व का पांचवा सबसे लंबा मोनो केबल डिटैचेबल पैसेंजर रोपवे में से एक होगा। इसका काम पूरा हो जाने पर देहरादून से मसूरी की यात्रा का वक्त घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। यह रोपवे सिस्टम हर मौसम के अनुकूल होगा। इसे world-class बनाया जाएगा और यह विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। इस परियोजना के माध्यम से 350 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और पंद्रह सौ लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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