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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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उत्तरकाशी: कोरोना के बढ़ते कहर के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके कुदरत की मार से बेहाल हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी बारिश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। भूस्खलन की वजह से सड़कों पर मलबा जमा है, जिससे कई क्षेत्रों में संचार सेवाएं बाधित हैं। गुरुवार को उत्तरकाशी जिले में भी आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यहां एक गांव में लकड़ी के घर पर बिजली गिरने से दो लोग झुलस गए। एक मवेशी की मौत की खबर है। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और घटना को लेकर जानकारी जुटाई। हादसा सुदूरवर्ती मोरी तहसील के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में हुआ। गुलिवाड़ी गांव की जयदेवी पत्नी बुद्धि सिंह तथा जयदेवी का छोटा भाई जगवीर व अन्य ग्रामीणों के साथ मवेशियों को लेकर जंगल जा रहे थे। गांव से तीन किलोमीटर दूर घटूगाड़ के जंगल में पहुंचे तो तेज बारिश शुरू हुई। बारिश से बचने के लिए जयदेवी और जगवीर सिंह मवेशियों को लेकर पेड़ों की आड़ में आए। उसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आकर एक गाय के बछड़े की घटना स्थल पर ही मौत हुई। जबकि जयदेवी और जगवीर सिंह झुलस का बेसुद हो गए।