बड़ी खबर: ऋषिकेश AIIMS में दो मरीज ब्लैक फंगस के शिकार..सावधान रहें

दोनों मरीजों को कोरोनावायरस संक्रमण के बाद इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स लाया गया था। एम्स में दोनों मरीजों का उपचार चल रहा था।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Black fungus uttarakhand: Rishikesh AIIMS Black Fungus
Image: Rishikesh AIIMS Black Fungus

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश एम्स अस्पताल से एक बड़ी खबर सामने आई है। ऋषिकेश एम्स में पहली बार 2 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है। दोनों मरीजों को कोरोनावायरस संक्रमण के बाद इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स लाया गया था। एम्स में दोनों मरीजों का उपचार चल रहा था। है इसी बीच इनमें से एक मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आए। इसके बाद चिकित्सकों ने जरूरी जांच की और टेस्ट के पास दोनों ही मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। आपको बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा अन्य मरीज में इसके लक्षण पाए गए हैं। इन के ताजा दो मामलों को मिलाकर देखें तो देहरादून जिले में अब तक 5 लोग ब्लैक फंगस के शिकार हो चुके हैं। इसके अलावा देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भी एक संदिग्ध मरीज सामने आया है। फिलहाल डॉक्टर उसे ब्लैक फंगस संक्रमित मानकर इलाज कर रहे हैं। आगे जानिए इसके लक्षण

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: नशे में धुत सुरेश ने लगाई कोबरा पकड़ने की शर्त..500 रुपये के लिए गंवा दी जिंदगी
ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों के लक्षण
आंख, नाक के पास लालिमा के साथ दर्द होता है।
मरीज की नाक से काला कफ जैसा तरल पदार्थ निकलता है।
खून की उल्टी होने के साथ सिर दर्द और बुखार होता है।
मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है।
दांतों और जबड़ों में ताकत कम महसूस होने लगती है।
मरीज को चेहरे में दर्द और सूजन का एहसास होता है।
मरीजों को सीने में दर्द होता है।
इतना ही नहीं कई मरीजों को धुंधला दिखाई देता है।
-स्थिति बेहद खराब होने की स्थिति में मरीज बेहोश हो जाता है।
डॉक्टरों ने इसी के साथ अपने इम्यून सिस्टम को बढ़ाने की सलाह दी है और अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक फलों और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल किया जाए और साथ में नियमित रूप से प्राणायाम और योग भी इस इंफेक्शन से बचाने में लाभदायक होते हैं।