वरिष्ठ लोक कलाकार, गजब के अभिनेता और मशहूर रंगकर्मी राम रतन काला का बुधवार रात निधन हो गया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Death of Ram Ratan Kala
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के लिए दुखद खबर है। वरिष्ठ लोक कलाकार, गजब के अभिनेता और मशहूर रंगकर्मी राम रतन काला का बुधवार रात निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक बुधवार रात हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ। आपको बता दें कि राम रतन काला आकाशवाणी और दूरदर्शन के जाने-माने कलाकार रहे हैं। आकाशवाणी नजीबाबाद के ग्राम जगत कार्यक्रम में "रारादा" आखिर किसे याद नहीं होगा? इस कार्यक्रम में स्टॉक कैरेक्टर में सालों भूमिका निभाने वाले राम रतन काला अब हमारे बीच नहीं रहे। कई गढ़वाली फिल्मों में वे हास्य कलाकार की भूमिका निभाते नजर आए। वे बहुत सहज और ग्रामीण पृष्ठभूमि के कलाकार थे. "ब्यौली खुजे द्यावे", "अब खा माछा" आदि उनकी अनेक हास्य प्रस्तुतियां देखने-सुनने वालों को आज भी गुदगुदाती हैं। वे दूरदर्शन देहरादून के कल्याणी कार्यक्रम में वे “मुल्कीदा” की भूमिका में दर्शकों का मनोरंजन करते रहे। राम रतन काला आकाशवाणी के लोकसंगीत के "बी हाई" ग्रेड के कलाकार थे। राम रतन काला 2008 से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। आगे देखिए वीडियो
बीमारी के बाद उन्होंने फिल्म, रंगकर्म, लोकसंगीत में प्रतिभाग करना बंद कर दिया था। पौड़ी के सतपुली के मूल निवासी काला वर्तमान में कोटद्वार भाबर में रह रहे थे। देखिए उनका एक यादगार वीडियो।