Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में प्रकृति का प्रकोप जारी है और बीते 3 दिनों से उत्तराखंड में बरसात थमने का नाम नहीं ले रही है। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर भी बरसात का कहर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। हाईवे पर कल से लगातार भूस्खलन हो रहा है और इससे वहां पर आवाजाही करने वाले वाहनों के ऊपर भी एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बीते गुरुवार को दो बार हाइवे पर भूस्खलन हो गया जिसके बाद वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। भूस्खलन से अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर एक बड़ी दुर्घटना हो गई है। हाईवे पर पाडली क्षेत्र में गाड़ी के ऊपर भूस्खलन के कारण पहाड़ से मलबा गिर गया जिस कारण गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। वह तो चालक की किस्मत अच्छी रही कि वह समय रहते वाहन से बाहर आ गया और उसकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। वहीं बीते गुरुवार को हादसा हो जाने के बाद एक बार फिर से आवाजाही सुचारू हुई मगर देर रात तेज बरसात के चलते एक बार फिर से हाइवे पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। आपको बता दें कि इस समय कैंची मंदिर क्षेत्र और पाडली क्षेत्र में मलबा आने के कारण वहां पर यातायात ठप पड़ा हुआ है और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हादसे के बाद प्रशासन द्वारा बुलडोजर की मदद से हाइवे पर दोनों जगह मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।