उत्तराखंड के 12 अस्पतालों में होगा ब्लैक फंगस का इलाज..दो मिनट में पढ़िए पूरी लिस्ट

ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 12 अस्पतालों को अधिकृत किया है। प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस के 133 केस मिले हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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Black Fungus Uttarakhand: 12 hospitals in Uttarakhand will be treated for black fungus
Image: 12 hospitals in Uttarakhand will be treated for black fungus

ऋषिकेश: प्रदेश में कोरोना के केस कम हुए, तो ब्लैक फंगस के केस बढ़ने लगे। हर दिन ब्लैक फंगस के नए केस डिटेक्ट हो रहे हैं, मरीज जान गंवा रहे हैं। मंगलवार को ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज की मौत हो गई। मरीज देहरादून का रहने वाला था। ब्लैक फंगस के 15 नए केस भी मिले हैं। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 12 अस्पतालों को अधिकृत किया है। ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज राज्य संचालित 12 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल (डीसीएच) में होगा। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मंगलवार को इन अस्पतालों के सभी चिकित्सा अधीक्षकों को उपचार की तत्काल व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडेय के मुताबिक एम्स, दून, हल्द्वानी, श्रीनगर सहित कोविड के लिए चिह्नित सभी 12 बड़े अस्पतालों में इस बीमारी का इलाज किया जाएगा। डॉ. पांडेय ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के अलावा यूपी, पंजाब और हरियाणा के मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है।

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जिन डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। उनमें देहरादून स्थित महंत इंदिरेश हॉस्पिटल, सीएमआई हॉस्पिटल, दून मेडिकल कॉलेज, एम्स ऋषिकेश, हिमालयन जौलीग्रांट हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल शामिल हैं। हरिद्वार में एमएच, विनय विशाल हॉस्पिटल और जयमैक्सवैल हॉस्पिटल में इलाज की सुविधा मिलेगी। पौड़ी में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और नैनीताल में सुशीला तिवारी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस का इलाज कराया जा सकता है। वहीं बात करें ब्लैक फंगस के मामलों की तो उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़कर 133 पहुंच गई है। सबसे अधिक 83 मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं। जबकि हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में 19 और दून हॉस्पिटल में आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। राज्य में इस बीमारी से 11 मरीजों की मौत हो गई है। जबकि नौ मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर गए हैं।