उत्तरकाशी में मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना फेस-टू की सुरंग लीक होने से दो गांव में अत्यधिक जल-भराव। चमोली जिले जैसी आपदा के संकेत।
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Komal Negi
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Image: Maneri Bhali project tunnel leaks in Uttarkashi
उत्तरकाशी: बीते फरवरी को चमोली जिले में आई आपदा ने समस्त देश को हिला कर रख दिया था। ऐसी आपदा जिसने सैकड़ों परिवार के चिराग उससे छीन लिए, ऐसी आपदा जिसने कई लोगों को अपने परिजनों से हमेशा-हमेशा के लिए दूर कर दिया था। चमोली जिले की आपदा को याद कर रूह कांप जाती है। उत्तरकाशी में भी कुछ ऐसे ही खतरनाक संकेत मिल रहे हैं। एक बेहद बुरी और खौफनाक खबर सामने आ रही है उत्तरकाशी जिले से जहां पर चमोली जैसी ही आपदा का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल रखे हैं। एक खबर के मुताबिक जिले में स्थित मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना फेस-टू की सुरंग लीक कर रही है जिसके बाद आस-पास के ग्रामीणों के बीच में खौफ पसर गया है और वे बेहद डरे हुए हैं। मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना फेस-टू में उत्तरकाशी जोशियाड़ा बैराज से धरासू पावर हाउस तक बनी इस सुरंग में लीकेज आ गई है जिससे बड़ी मात्रा में पानी निकल रहा है और पानी निकलने के कारण आसपास के ग्रामीणों खौफजद हैं।
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बता दें कि सुरंग में लेकर जाने से बड़ी मात्रा में पानी निकल रहा है जिस कारण गांव में भूस्खलन का खतरा काफी अधिक बढ़ गया है और मरगांव एवं चमियारी गांव के ग्रामीण दहशत में आ रखे हैं। ग्रामीणों ने बिना देरी किए इसकी सूचना जल विद्युत निगम के अधिकारियों को दे दी है। हाल ही में चमोली जिले में आई आपदा के बाद से ही लोगों के बीच में खौफ पसर रखा है। ऐसे में उत्तरकाशी में इतनी बड़ी सुरंग का लीक करना चिंता की बात है। एक जरा सी लापरवाही कई लोगों की जान के ऊपर भारी पड़ सकती है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से बनाई गई मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना फेस-2 304 मेगा वाट की है और उत्तरकाशी जोशियाड़ा से धरासू पावर हाउस के बीच यह सुरंग बनी हुई है। सुरंग के बीच में मरगांव के पास हाल ही में भारी लीकेज हो गया और भारी मात्रा में पानी बाहर आ गया।
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देखते ही देखते यह पानी बढ़ने लगा और इस पानी की चपेट में आसपास के खेत भी आगए जिससे मरगांव के ग्रामीण दहशत में आ रखे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर जल विद्युत निगम के अधिकारियों एवं जिला अधिकारी को इस बारे में सूचित किया और सुरंग में लीकेज की सूचना दी। ग्राम प्रधान सुरेंद्र पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते गुरुवार की सुबह मरगांव के नीचे मनेरी भाली बांध की सुरंग लीक कर गई और उसमें हो रहे जल रिसाव से मरगांव एवं चमियारी गांव की खेती में जगह-जगह दरारें पड़ना शुरू हो गईं। सुरेंद्र पाल का कहना है कि अगर जल्द ही इस सुरंग की मरम्मत नहीं की गई तो दोनों गांव भूस्खलन की चपेट में आ सकते हैं और एक बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं जल विद्युत निगम के सहायक अभियंता धीरज हिमानी के अनुसार सुरंग में 2007 में भी एक बार लीकेज हुआ था। उन्होंने 1 सप्ताह के अंदर-अंदर सुरंग का मरम्मत कार्य शुरु करवाने का आश्वासन दिया है