उत्तराखंड: विशुंग गांव के सपूत पवन को बधाई..भारतीय नौसेना में बना अफसर

चंपावत के पवन फर्त्याल 4 साल की कठिन ट्रेनिंग और परिश्रम के बाद आखिरकार भारतीय सेना में शामिल हो गए हैं और भारतीय नौसना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हो गए हैं।
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Champawat News: Pawan Fartyal of Champawat becomes army officer
Image: Pawan Fartyal of Champawat becomes army officer

चम्पावत: देवभूमि और भारतीय सेना का अटूट संबंध है। उत्तराखंड की देवभूमि कई लोगों की कर्मभूमि भी है। देवभूमि के वाशिंदों के अंदर सेना में शामिल हो कर देश की सेवा करने का जुनून सवार रहता है। समय-समय पर नौजवानों के भर्ती की खबरें सुनकर गौरवान्वित महसूस होता है। आज हम आपका परिचय एक ऐसे ही महत्वाकांक्षी और मेहनती युवक से करवाने जा रहे हैं जो अपनी काबिलियत के दम पर भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बन गए हैं। हम बात कर रहे हैं चंपावत जिले के होनहार पवन फर्त्याल की जो 4 वर्ष के कठिन परिश्रम के बाद सेना में सब लेफ्टिनेंट बन गए हैं। 29 मई को पवन फर्त्याल भारतीय नौसेना अकादमी (कन्नूर केरल ) में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय नौसना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हो गए हैं। उनकी इस उपलब्धि के बात जहां एक ओर उनके परिवार के बीच में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है तो वहीं उनके गांव विशुंग गांव में भी खुशी की लहर छा गई है.

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पवन फर्त्याल मूल रूप से चंपावत जिले के लोहाघाट तहसील के विशुंग गांव के रहने वाले हैं और वे 4 साल की कठिन ट्रेनिंग और परिश्रम के बाद आखिरकार भारतीय सेना में शामिल हो गए हैं। इसी के साथ उन्होंने अपनी काबिलियत का भी प्रदर्शन किया है। बीते शनिवार को भारतीय नौसेना अकादमी कन्नूर केरला में आयोजित हुई पासिंग आउट परेड के बाद पवन सब लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती नौसेना में शामिल हो गए हैं। भारतीय नौसेना में शामिल होकर उन्होंने समूचे उत्तराखंड को एक बार फिर से गौरवान्वित होने का सुनहरा मौका प्रदान किया है और उन्होंने उत्तराखंड का नाम देश भर में रोशन किया है। उनकी बहन ऋतु का कहना है कि उनका परिवार वर्तमान में चंपावत जिले के टनकपुर में रहता है और उनके पिता मनोहर सिंह फर्त्याल वन विभाग में वन दरोगा के पद पर तैनात हैं। आपको बता दें कि बचपन से ही आर्मी में जाने का सपना मन में पाले हुए पवन पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और उन्होंने केंद्रीय विद्यालय बनबसा से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की और उसके बाद कड़ी मेहनत और लगन के चलते उनका चयन भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ। पवन ने अपनी इस उपलब्धि और सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ अपने गुरुजनों और अपनी बहन को दिया है। पवन के भारतीय सेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हो जाने के बाद से उनके परिवार में खुशी का माहौल पसर गया है। राज्य समीक्षा की पूरी टीम पवन के उज्जवल भविष्य की कामना करती है।