किसी के लिए मवेशियों का नदी में बह जाना भले ही सामान्य सी खबर होगी, लेकिन जरा उन पशुपालकों के बारे में सोचिए, जिनके लिए उनके पशु ही गुजर-बसर का एकमात्र सहारा थे।
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Komal Negi
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Image: Goats drowned in Uttarkashi Bhagirathi River
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में लगातार जारी बारिश पशुपालकों पर आफत बनकर बरसी। यहां सोन गाड़ के पास भारी चट्टान टूटने से पशुपालकों की करीब 40 बकरियां भागीरथी नदी में बह गईं। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हर्षिल पुलिस ने 13 मृत बकरियों को पानी से बाहर निकाला। किसी के लिए मवेशियों का नदी में बह जाना भले ही सामान्य सी खबर होगी, लेकिन जरा उन पशुपालकों के बारे में सोचिए, जिनके लिए उनके पशु ही गुजर-बसर का एकमात्र सहारा थे। अचानक हुई इस घटना से पशुपालक और उनका परिवार बुरी तरह सदमे में है। हादसा सोन गाड़ के पास हुआ, जो कि जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। मंगलवार को क्षेत्र में रहने वाले बकरी पालक अपनी बकरियों को घास चराने के लिए जंगल में ले गए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे ये लोग मवेशियों संग वापस लौट रहे थे कि तभी बरसाती नाले सोन गाड़ के पास तेज धमाके के साथ एक भारी चट्टान नीचे आ गिरी। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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इस दौरान करीब 40 बकरियां नदी में बह गईं। हादसा क्योंकि दूरस्थ इलाके में हुआ है, इसलिए प्रशासन को समय पर हादसे की सूचना भी नहीं मिल पाई। बाद में पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीम किसी तरह घटनास्थल पर पहुंची और 13 मृत बकरियों को भागीरथी नदी से बाहर निकाला। देर रात होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने कहा कि हादसा चट्टान खिसकने की वजह से हुआ है। किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन करीब 40 बकरियों के भागीरथी में बहने की सूचना आई है। संचार की सुविधा न होने की वजह से हादसे की सूचना भी देर से मिल सकी। कुछ बकरियों के चट्टान के नीचे दबकर मरने की भी आशंका है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची हुई है, नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।