पौड़ी गढ़वाल: यहां परिवार के साथ घूम रहे हैं हाथियों के दल..जंगल से दूर रहें

क्षेत्र में पिछले दो महीने में हाथियों के हमले में 4 लोगों की मौत हुई है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर हथिनी बेहद आक्रामक मुद्रा में रहती है, ऐसे में जितना संभव हो जंगलों से दूर ही रहें।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Kotdwar elephant: Elephant with family in Kotdwar
Image: Elephant with family in Kotdwar

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में जंगल से सटे इलाकों में हाथियों ने भारी आतंक मचा रखा है। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में भी लोग दहशत में हैं। यहां हाथी लोगों पर हमला करने के साथ ही खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों की बढ़ती घुसपैठ के बीच एक और डराने वाली खबर आई है। यहां जंगल में इन दिनों हथिनी झुंड में अपने बच्चों के साथ घूम रही है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर हथिनी बेहद आक्रामक मुद्रा में रहती है। ऐसे में जितना संभव हो जंगलों से दूर ही रहें। अगर चारापत्ती लेने या फिर सैर-सपाटे के लिए जंगल की तरफ जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फिलहाल इस योजना को टाल दें। आप की जरा सी लापरवाही आपकी जान पर भारी पड़ सकती है, इसलिए ऐसा न करें। लैंसडौन वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि हाथियों के झुंड में हथिनी झुंड की प्रमुख होती है। बच्चों की सुरक्षा का दायित्व उसी पर होता है। ऐसे में हथिनी बेहद आक्रामक रहती है और झुंड के आस-पास किसी को फटकने नहीं देती। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: कुदरत के आगे लाचार हुए इंजीनियर..थक-हारकर मां धारी देवी की शरण में पहुंचे
खतरे को देखते हुए आमजन को जंगल से दूर रहने के लिए आगाह किया जा रहा है, लेकिन लोग समझ नहीं रहे। आमजन का जंगल में प्रवेश बंद नहीं हो रहा। आपको बता दें कि कोटद्वार क्षेत्र में पिछले दो महीने में हथिनी के हमले में 4 लोगों की मौत हुई है, मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। बीती 22 मई को लालढांग रेंज में चमरिया स्त्रोत के पास हथिनी ने महिला समेत दो लोगों को मार दिया था। इसके कुछ ही दिन बाद 1 जून को सिगड्डी स्त्रोत के पास भी हथिनी ने एक व्यक्ति की जान ले ली थी। हमला करने वाली हथिनी के साथ बच्चे भी मौजूद थे। हमले की सभी घटनाएं पेयजल स्त्रोतों के कुछ किलोमीटर के दायरे में हुई हैं। लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों में इन दिनों हाथियों के अलग-अलग झुंड घूम रहे हैं। झुंड में बच्चे भी हैं। इसलिए हमारी आपसे अपील है कि इन दिनों जितना संभव हो जंगल की ओर जाने से बचें। वन विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें।