देहरादून की नेहा नौटियाल: दूसरी कोशिश में पाई सफलता, IPS की जगह IRS को चुना

सरे प्रयास में नेहा ने आईपीएस के लिए क्वालीफाई करने के बाद आईआरएस को चुना, आज वो इनकम टैक्स विभाग में अफसर हैं।
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IRS Neha Nautiyal: IRS Neha Nautiyal of Dehradun
Image: IRS Neha Nautiyal of Dehradun

देहरादून: जिंदगी में जब लक्ष्य को पाने की लगन लग जाए तो सफलता भी पीछे-पीछे दौड़ी चली आती है। जो लोग आकाश की ऊंचाई पर होने के बावजूद अपने पांव जमीन पर टिकाए रहते हैं, उन्हें कभी गरने का डर नहीं सताता। वर्ष 2012 बैच की आईआरएस अफसर नेहा नौटियाल ऐसी ही शख्सियत हैं। साल 2012 में 185वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर आईआरएस बनीं नेहा नौटियाल उत्तराखंड के देहरादून से ताल्लुक रखती हैं। आज नेहा को हम सफल अफसर के तौर पर जानते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें भी खूब संघर्ष करना पड़ा। नेहा कहती हैं कि आप जीवन में लक्ष्य कुछ भी तय करें, लेकिन उसे हासिल करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कई बार आप लक्ष्य के बिल्कुल करीब पहुंचकर भी फिसल सकते हैं। देहरादून की रहने वाली नेहा के पिता पीके नौटियाल पोस्ट ऑफिस में कार्यरत थे। मां गृहणी हैं। वे दो भाई-बहन हैं और नेहा छोटी हैं।

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उनकी शुरुआती पढ़ाई देहरादून में हुई। बाद में उन्होंने अजमेर से 4 वर्षीय बीएससी-बीएड किया। फिर देहरादून से एमएससी किया। पढ़ाई के बाद नेहा सिविल सर्विसेज की तैयारी करने लगीं। नेहा बताती हैं कि इस दौरान उन्होंने जॉब भी की, लेकिन तैयारी के लिए जॉब छोड़ दी। साल 2009 में नेहा ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की। 2010 में पहले प्रयास में वो असफल रहीं, लेकिन नेहा ने हार नहीं मानी। 2012 बैच में उन्होंने 185वीं रैंक के साथ आईपीएस के लिए क्वालीफाई किया, लेकिन बाद में आईपीएस की जगह आईआरएस को करियर के रूप में चुना। फिलहाल नेहा दिल्ली में इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत हैं। नेहा कहती हैं कि बड़े सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन इन सपनों को पूरा करने के लिए सही दिशा में प्रयास करना भी जरूरी है। कंपटीशन की तैयारी करने वालों के लिए जरूरी है कि वो छोटे-छोटे गोल्स बनाएं, और उन गोल्स को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से काम करें। अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखें। अगर हम पॉजिटिव रहकर प्रयास करें तो एक न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।