प्रदेश में अब सभी सार्वजनिक वाहनों का संचालन 100 फीसदी यात्री क्षमता के साथ किया जाएगा। गुरुवार से इनका संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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Komal Negi
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Image: Public transport started in Uttarakhand
देहरादून: कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होने लगा है। प्रदेश में धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे हैं। पाबंदियों में ढील दी जा रही है। गुरुवार से उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का संचालन भी शुरू हो गया है। कोविड कर्फ्यू के चलते बसों, विक्रम, ऑटो व ई-रिक्शा के पहिए थम गए थे। गुरुवार से इनका संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने इसे लेकर संशोधित मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी। एसओपी के अनुसार अंतरराज्यीय और अंतर जनपदीय मार्गों पर बस, टैक्सी कैब, मैक्सी कैब, थ्री व्हीलर ऑटो, विक्रम व ई-रिक्शा का संचालन सीट क्षमता के हिसाब से होगा। बसों या अन्य वाहनों में सवारियों को खड़ा करके नहीं ले जा सकते हैं। वाहन स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो केवल राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से निर्धारित दर पर ही किराया वसूलें।
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सबसे बड़ा फैसला ये है कि अब प्रदेश में सभी सार्वजनिक वाहनों का संचालन 100 फीसदी यात्री क्षमता के साथ किया जाएगा। यानी बसों और अन्य वाहनों में पूरी क्षमता के साथ सवारियां बैठाई जा सकती हैं, लेकिन सवारियों को खड़ा कर के नहीं ले जाया जा सकता। सोशल डिस्टेसिंग, मास्क आदि के नियम पूर्व की एसओपी की भांति ही रहेंगे। हर यात्रा के पहले और बाद में वाहन को सैनेटाइज करना होगा। बस संचालन करने वालों और यात्रियों को अंतरराज्यीय व अंतर जनपदीय मार्गों पर यात्रा के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य है। यात्रियों के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पंजीकरण के नियम पूर्व की भांति ही लागू रहेंगे।