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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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हल्द्वानी: अब खेलने कूदने पर खराब बनने वाला मुहावरा पुराना हो चुका है। खेल के क्षेत्र में बच्चे लगातार आगे आ रहे हैं और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बात करें देवभूमि की तो उत्तराखंड से भी कई होनहार और प्रतिभाशाली बच्चे खेलकूद के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं और उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। बचपन से ही खेलकूद के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने वाले यह बच्चे बेहद कम उम्र में बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और यह साबित कर रही है कि उनके अंदर प्रतिभा की कमी नहीं है। हम आपको आज उत्तराखंड के एक ऐसे ही होनहार बालक से परिचय करवाने जा रहे हैं जिन्होंने बेहद कम उम्र में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है और देवभूमि का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड के होनहार बेटे का चयन स्पेन के जाने-माने फुटबॉल क्लब ला पालामोस एफसी में हुआ है। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के मूल रूप से हल्द्वानी के निवासी आदि जोशी की। 14 वर्ष की उम्र में आदि जोशी का चयन स्पेन के जाने- माने फुटबॉल क्लब ला पालामोस एफसी में हुआ है।महज 14 वर्ष की उम्र में आदि जोशी क्लब को ज्वाइन करने के लिए दिल्ली से फ्रांस होते हुए स्पेन पहुंच गए हैं और इसी के साथ उन्होंने देवभूमि का नाम गर्व से ऊंचा किया है। हल्द्वानी के आदि जोशी के परिजनों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया है।