देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे का तीसरा फेज, डाट काली में बनेगी एक और सुरंग..जानिए बड़ी बातें

नया एक्सप्रेस-वे बनने के बाद उत्तराखंड से दिल्ली की दूरी तय करने में 3 घंटे लगेंगे। इससे सफर आसान बनेगा, साथ ही दिल्ली-उत्तराखंड राज्य के आर्थिक विकास को रफ्तार भी मिलेगी।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Dehradun Delhi Express Way: Dehradun Delhi Expressway dat Kali Tunnel
Image: Dehradun Delhi Expressway dat Kali Tunnel

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से देश की राजधानी दिल्ली का सफर आसान होने जा रहा है। दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अगले महीने से तीसरे फेज का काम भी शुरू हो जाएगा। इसके तहत आशारोड़ी चेकपोस्ट (देहरादून) से गणेशपुर गांव (यूपी) तक एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 19 किलोमीटर है। गणेशपुर से डाटकाली तक 15.5 किमी एक्सप्रेस-वे यूपी में आता है, जिसमें फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुका है। इसके अलावा डाटकाली से आशारोड़ी तक साढ़े तीन किमी लंबी रोड बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस दे चुकी है। हालांकि इसे लेकर पीआईएल दायर हुई है, इसलिए हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही इस क्षेत्र में काम शुरू होगा। गणेशपुर (सहारनपुर) से सवा किमी एक्सप्रेस-वे पुराने हाईवे के समानांतर बनेगा। इससे आगे डाटकाली तक 14 किमी का एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे बरसाती नदी के ऊपर बनेगा। डाटकाली में एक और सुरंग बनाई जाएगी। छह लेन वाली यह सुरंग 340 मीटर की होगी।

यह भी पढ़ें - अभी-अभी: आज उत्तराखंड में 388 लोग कोरोना पॉजिटिव, 15 की मौत..3242 लोग स्वस्थ
इस कॉरिडोर की सबसे खास बात ये है कि यह देश का पहला ऐसा राजमार्ग होगा, जिसमें वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे का पहला पार्ट दिल्ली, अक्षरधाम से बागपत के पास तक बना है। दूसरा पार्ट बागपत से सहारनपुर बाईपास है। सहारनपुर से गणेशपुर तक पहले ही छह लेन एक्सप्रेस-वे बना है। अब अगले महीने से गणेशपुर से आशारोड़ी तक तीसरे पार्ट का काम शुरू हो जाएगा। अभी देहरादून से दिल्ली जाने के लिए लोगों को 250 किमी लंबे हाईवे का सफर करना पड़ता है। जिसमें पांच से छह घंटे लगते हैं। नया एक्सप्रेस-वे बनने से ये दूरी घटकर 200 किमी के करीब रह जाएगी। इससे उत्तराखंड से दिल्ली का सफर तीन घंटे में पूरा होगा। नया एक्सप्रेस वे सफर को आसान बनाएगा, साथ ही इससे दिल्ली और उत्तराखंड के आर्थिक विकास को रफ्तार भी मिलेगी। एनएचएआई के साइट इंजीनियर रोहित पंवार ने बताया कि हमें यूपी सरकार से क्लीयरेंस मिल चुकी है। एक सप्ताह के भीतर हम वन विभाग को पैसा जमा कर देंगे। जैसे ही पेड़ कटान का काम शुरू होगा, हम एक्सप्रेस-वे का काम भी शुरू कर देंगे।