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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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हल्द्वानी: किसी भी पिता के लिए इससे बड़े गौरव का क्षण नहीं हो सकता कि वो बेटे को अपनी ही रेजिमेंट में अफसर बनते देखे। हल्द्वानी के बिठौरिया आदर्श कॉलोनी में रहने वाले त्रिलोक सिंह उन चंद खुशकिस्मत पिताओं में से एक हैं, जिन्हें अपने बेटे को अपनी ही रेजिमेंट में अफसर बनते देखने का मौका मिला है। आईएमए में हुई पासिंग आउट परेड में अंतिम पग पार कर उनके बेटे दीपक सिंह 9 कुमाऊं रेजिमेंट की मदर यूनिट में लेफ्टिनेंट बन गए। पासिंग आउट परेड में दीपक सिंह ने गोल्ड मेडल और ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स मेडल भी अपने नाम किया। उन्हें 9 कुमाऊं रेजिमेंट की मदर यूनिट में लेफ्टिनेंट पद पर कमीशन मिला है। दीपक 21 साल के हैं। उनके पिता त्रिलोक सिंह भी 9 कुमाऊं रेजिमेंट में हवलदार पद से वर्ष 2017 में रिटायर हो चुके हैं। त्रिलोक भले ही सेना में सिपाही रहे हों, लेकिन वो बेटे को हमेशा से अफसर बनते देखना चाहते थे। दीपक भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए खूब मेहनत करते रहे।