उत्तराखंड की स्नेह राणा ने इंग्लैंड में रचा इतिहास, शानदार खेल से भारत को हार से बचाया

पांच साल पहले मैच के दौरान स्नेह के घुटने में चोट लग गई थी। जिसके चलते वो सालों तक मैदान से दूर रही। बाद में जब इंडियन टीम का हिस्सा बनने का मौका करीब आया तो उनके पिता का निधन हो गया। अब स्नेह ने इंग्लैंड में इतिहास रचा है।
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sports news: Sneh Rana of Uttarakhand created history in England
Image: Sneh Rana of Uttarakhand created history in England

देहरादून: क्रिकेटर स्नेह राणा। देश की वो होनहार क्रिकेटर जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के लिए पूरे 5 साल इंतजार करना पड़ा। कई साल के इंतजार के बाद स्नेह को जीवन में पहली बार टेस्ट मैच में भारत के लिए खेलने का मौका मिला और वो क्या गजब खेलीं। गेंदबाजी से लेकर बल्लेबाजी तक में स्नेह राणा ने शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में स्नेह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 39.2 ओवर में 131 रन देकर चार विकेट झटके। शनिवार को स्नेह का बल्ला भी खूब चमका। अपना पहला टेस्ट खेल रही ऑलराउंडर स्नेह राणा ने नाबाद 80 रनों की पारी खेली।

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स्नेह ने तानिया भाटिया के साथ नौंवे विकेट के लिए 104 रन की रिकार्ड साझेदारी की। जिसकी बदौलत भारतीय टीम मुश्किल वक्त से उबरने में कामयाब रही। स्नेह की शानदार पारी की बदौलत भारतीय टीम की हार टल गई और मैच ड्रॉ रहा। इस मैच में भारत की शुरुआत तो अच्छी रही थी, लेकिन बीच में पारी लड़खड़ा गई। इसके बावजूद भारत ने निचले क्रम के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत दूसरी पारी में आठ विकेट पर 344 रन बनाए और मैच ड्रॉ कराया। स्नेह राणा ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में रिकॉर्ड भी बनाया। वो डेब्यू टेस्ट में 50 से अधिक रन बनाने वाली और चार विकेट लेने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है। भारतीय टीम के लिए पहली बार टेस्ट मैच खेलने वाली स्नेह राणा को इंडियन जर्सी पहनने के लिए सालों इंतजार करना पड़ा।

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इस दौरान स्नेह राणा पर क्या कुछ नहीं बीता। पांच साल पहले मैच के दौरान स्नेह के घुटने में चोट लग गई थी। जिसका ऑपरेशन करना पड़ा। वो सालों तक मैदान से दूर रहीं, लेकिन खुद को टूटने नहीं दिया। कुछ समय पहले स्नेह ने घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी की और इसी के साथ वो एक बार फिर टीम इंडिया का हिस्सा बन गईं, लेकिन खिलाड़ियों की लिस्ट जारी होने के कुछ ही दिन पहले स्नेह के पिता चल बसे। दुख की इस घड़ी में भी स्नेह ने हौसला बनाए रखा और इंग्लैंड में अपने शानदार खेल से सबको गदगद कर दिया। स्नेह राणा देहरादून की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन को अपने पिता को समर्पित किया है।