उत्तराखंड: ये ऑल वेदर रोड है, सीजन की पहली बारिश भी नहीं झेल पाई

सड़क बनाते वक्त दावा किया गया था कि यह सड़क हर मौसम में लंबे समय तक कारगर होगी, लेकिन अब गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
all weather road uttarakhand: All weather road collapsed due to rain in Tehri Garhwal
Image: All weather road collapsed due to rain in Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में जगह-जगह ऑलवेदर रोड का काम चल रहा है। कहा जा रहा है कि रोड बनने के बाद सफर आसान होगा, चारधाम यात्रा को रफ्तार मिलेगी, लेकिन ये सड़कें कितनी सुरक्षित हैं, यह आप ऊपर दिख रही तस्वीर में देख सकते हैं। तस्वीर नई टिहरी से आई है। जहां नेशनल हाईवे पर बनाई गई ऑल वेदर सड़क सीजन की पहली बारिश भी नहीं झेल पाई। बारिश के बाद सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। यही नहीं सड़क का एक बड़ा हिस्सा टूट जाने और पुश्तों में दरारें पड़ने से अब आसपास के करीब एक दर्जन मकानों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। सड़क बनाते वक्त दावा किया गया था कि यह सड़क हर मौसम में लंबे समय तक कारगर होगी, लेकिन अब इसकी गुणवत्ता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। पहाड़ में इन दिनों भारी बारिश हो रही है, नदियां उफान पर हैं। इस बीच एक और खतरा पैदा हो गया है, खराब क्वालिटी के चलते कई इलाकों में सड़कें टूटने लगी हैं। टिहरी के चंबा में भी यही हुआ। यहां ऑलवेदर प्रोजेक्ट के तहत एनएच-94 का चौड़ीकरण किया गया था। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - गढ़वाल से सामने आई खौफनाक खबर, बुजुर्ग महिला की हत्या कर खेत में दफना दिया
प्रोजेक्ट के तहत शहर में 440 मीटर लंबी टनल बनाई गई, जिस पर करोड़ों खर्च हुए। लेकिन काम को लेकर लोगों में पहले से नाराजगी थी। लोगों का कहना था कि ठेकेदार ने गुणवत्ता की अनदेखी की। काम के दौरान बरती गई लापरवाही का खामियाजा अब आसपास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। 19 जून को हुई बारिश के चलते गुल्डी गांव में टनल को जोड़ने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा ढह गया। जिस वजह से पुश्तों में दरारें बढ़ने लगी हैं। सड़क किनारे स्थित एक दर्जन मकान भी खतरे की जद में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इसे लेकर कई बार बीआरओ और जिला प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहली ही बारिश में सड़क की जो हालत हुई उसने कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं शिकायतों को लेकर एसडीएम का कहना है कि बीआरओ के साथ बैठक की गई है। संभावित क्षेत्र का एक्सपर्ट टीम द्वारा सर्वे कराया जाएगा।