मामला 2010 का है। मदन कौशिक के विधायक रहते हुए विधायक निधि से 12 पुस्तकालयों के निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन ये पुस्तकालय कभी बने ही नहीं। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: uttarakhand bjp state president madan kaushik accused of corruption
हरिद्वार: प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लग रहे हैं। कुछ दिन पहले रुड़की विधायक और एक पुलिसकर्मी के बीच हुई कहासुनी की खबरें सुर्खियों में थीं। ये मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि कांग्रेस के नेता प्रदेश में संवैधानिक संकट होने की बात कहकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग करने लगे। अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भ्रष्टाचार के आरोप में घिर गए हैं। मदन कौशिक पर हरिद्वार में पुस्तकालय निर्माण में डेढ़ करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने शिकायत के साथ ही मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। याचिकाकर्ता सच्चिदानंद डबराल देहरादून के रहने वाले हैं। कौशिक के खिलाफ दायर याचिका में उन्होंने कहा कि ये मामला 2010 का है।
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उस वक्त मदन कौशिक हरिद्वार से विधायक थे। उनके विधायक रहते विधायक निधि से 12 पुस्तकालयों के निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए गए, लेकिन ये डेढ़ करोड़ रुपये कहां खर्च हुए, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जिन पुस्तकालयों के लिए फंड जारी हुआ, वो आज तक बने ही नहीं हैं। जबकि बिना पुस्तकालय बनाए ही विधायक निधि से डेढ़ करोड़ का भुगतान कर दिया गया। जिन स्थानों पर पुस्तकालय दर्शाए गए हैं, वहां पर बारातघर, निजी आवास और धर्मशालाएं हैं। इस मामले में कार्यदायी संस्था आरईएस पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि आरईएस के तत्कालीन इंजीनियर ने बिना अस्तित्व में आए ही इन पुस्तकालयों का निरीक्षण किया और तत्कालीन सीडीओ ने डेढ़ करोड़ का भुगतान कर दिया। दून निवासी