राज्य सरकार ने 1 जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने की बात कही है। तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही है, लेकिन यात्रा शुरू होगी भी या नहीं इस पर संशय बना हुआ है।
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Komal Negi
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Image: Char dham yatra may canceled in uttarakhand
ऋषिकेश: चारधाम यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं को एक बार फिर तगड़ा झटका लग सकता है। राज्य सरकार ने 1 जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने की बात कही है। यात्रा की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन यात्रा शुरू होगी भी या नहीं इस पर संशय बना हुआ है। हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से साफ कहा है कि या तो यात्रा स्थगित कर दें, या फिर तारीख आगे बढ़ाई जाए। नैनीताल हाईकोर्ट ने सुरक्षित यात्रा से जुड़े हर पहलू और तैयारी को लेकर 28 जून तक कोर्ट को बताने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग को भी 7 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान की अगुवाई वाली पीठ ने ये निर्देश कोरोना महामारी को लेकर जारी जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद दिए हैं। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ओमप्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी व संयुक्त सचिव पर्यटन डॉ. आशीष चौहान कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर राज्यों को आगाह कर चुके हैं। डेल्टा प्लस वेरिएंट को अधिक तीव्र व खतरनाक माना जा रहा है। आशंका है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के पहले हफ्ते में दस्तक दे सकती है।
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तीन राज्यों में डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं। महाकुंभ का उदाहरण हमारे सामने है। महाकुंभ के बाद देश में कोरोना की दूसरी लहर का तेजी से प्रसार हुआ..हाल में गंगा दशहरा के मौके पर हरिद्वार में एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। इस दौरान कोविड मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। पुलिस प्रशासन भी भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहा। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के जीवन को खतरा हो सकता है। इन सभी तथ्यों पर बात करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार के चारधाम यात्रा की अनुमति देने के फैसले पर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचागत विकास को लेकर सात जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आपको बता दें कि सरकार ने राज्यवासियों के लिए दो चरणों में चारधाम यात्रा खोलने का निर्णय लिया है। 1 जुलाई से चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले के लोगों के लिए यात्रा शुरू की जाएगी। जबकि 11 जुलाई से सभी जिलों के लिए यात्रा खोलने की तैयारी चल रही है।