गढ़वाल का हाईटेक हॉस्टल..यहां छात्राओं का खाना बंदर खाते हैं, खिड़कियों की जगह लगी हैं बोरियां

एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास में नलों से तो नहीं पर बरसात में कमरों की दीवारों से खूब पानी टपकता है। मैस का खाना छात्राओं के हिस्से कम और बंदरों के हिस्से ज्यादा आता है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Pauri Garhwal News: Bad condition of girls hostel in khirsu
Image: Bad condition of girls hostel in khirsu

पौड़ी गढ़वाल: विकास देखना है तो इस हाईटेक हॉस्टल में कदम रखिए..लगभग हर कमरे में बंदर घुसे हैं, छात्राओं का खाना बंदर खा रहे हैं, छत से पानी टपक रहा है, खिड़कियों की जगह बोरियां लगी हैं..है न विकास अप्रतिम उदाहरण? एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास में नलों से तो नहीं पर बरसात में कमरों की दीवारों से खूब पानी टपकता है। मैस का खाना छात्राओं के हिस्से कम और बंदरों के हिस्से ज्यादा आता है। खिड़कियों पर दरवाजों के स्थान बोरियां लगाई गई हैं। तेज बारिश में भवन के ढहने का डर लगा रहता है। लेकिन इन सब के बावजूद यहां 40 छात्राएं रह रही हैं। यह स्थिति एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास की है। यहां रह रही छात्राओं का कहना है कि समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक रूप से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास में वि‌भिन्न समस्याएं बनी हुई हैं। छात्राओं का कहना है कि छात्रावास में पेयजल किल्लत बनी हुई है। पानी के लिए एक किमी दूर बाजार जाना पड़ता है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड 28 जून तक मुश्किलें बढ़ाएगा मौसम, 5 जिलों बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
छात्रावास का भवन इतना जर्जर है कि बरसात में दीवारों व छत से पानी कमरों के अंदर टपकता है। मैस की खिड़कियों पर कांच की जगह बोरियां लगाई गई हैं। मैस व कमरों में हर समय बंदर घ़ुसे रहते हैं। मैस का अधिकाशं खाना तो बंदर ही हजम कर जाते हैं। छात्राओं का कहना है कि तेज बारिश में भवन के ढहने का भय बना रहता है। भवन की ‌स्थिति इतनी जर्जर है कि हल्के भूकंप के झटके में ढह सकता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास की जर्जर स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों से कई बार लिखित व मौखिक रूप से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन कोई कार्यवाही नही की जा रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन के जर्जर होने की जानकारी है। इसका सर्वे किया गया है। जल्द मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा।