Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
हरिद्वार: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में संसाधनों का अभाव है। जिन गांवों में स्कूल और अस्पताल तक नहीं हैं, वहां कोई खेल और खिलाड़ियों की बात करे भी तो कैसे। इतनी दिक्कतें होंने के बावजूद पहाड़ के होनहार खिलाड़ी अपनी मेहनत के बूते नेशनल-इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीतकर देश-प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। ऐसे चैंपियंस में उत्तराखंड के युवा एथलीट अनु कुमार का नाम भी शामिल है। अनु कुमार ने पंजाब के पटियाला में चल रही 60वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 800 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। वो सिर्फ एक सेकेंड से भी कम फासले से स्वर्ण पदक हासिल करने से चूक गए। अनु कुमार ने 800 मीटर की दूरी 1:51:05 मिनट में पूरी की, जबकि पहले स्थान पर रहे हरियाणा के कृष्ण कुमार ने यह दूरी 1:50:15 मिनट में पूरी कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अनु कुमार मूलरूप से हरिद्वार के धनपुरा गांव के रहने वाले हैं। वो महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं.
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड की स्नेह राणा ने इंग्लैंड में रचा इतिहास, शानदार खेल से भारत को हार से बचाया
खेल मैदान के अभाव में अनु ने खेतों में दौड़ का अभ्यास जारी रखा और तमाम बाधाओं के बावजूद खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, लेकिन महज एक सेकेंड से गोल्ड मेडल से चूक जाना कहीं न कहीं सिस्टम की खामी को भी दिखाता है। दरअसल प्रतियोगिता से पहले अनु ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में एस्ट्रोटर्फ पर प्रैक्टिस की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोविड के चलते अनुमति नहीं मिल पाई। खेल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अनु ने एस्ट्रोटर्फ पर प्रैक्टिस की होती तो शायद गोल्ड मेडल उत्तराखंड के हिस्से में आता, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। बता दें कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 25 जून से पटियाला में एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के अनु कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। वो 800 मीटर की दूरी 1:51:05 मिनट में पूरी करने में सफल रहे।