रोहित 10 मिनट में नहाकर आने की बात कह रहा था, फिर उसने कहा कि नहाने का मजा तभी है, जब बॉडी फूलकर ऊपर आ जाए। दुर्भाग्य से उसकी कही ये बात सच हो गई।
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Komal Negi
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Image: Rohit dies due to drowning in Kosi river
नैनीताल: कहते हैं शुभ बोलो, अच्छा बोलो, भला बोलो..न जाने आपके मुंह से निकली कौन सी बुरी बात सच हो जाए...खैर..बरसात का मौसम है। नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन लोगों से नदियों-गदेरों के करीब न जाने की अपील कर रहा है, लेकिन लोग मान नहीं रहे। नैनीताल के हल्दूचौड़ में रहने वाले रोहित ने भी अगर इस बात का ध्यान रखा होता, तो आज जिंदा होता। अपने परिवार के साथ होता, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हो नहीं सका। कोसी नदी में नहाने गया रोहित जानलेवा भंवर में फंसकर रह गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। रोहित का शव भी 68 घंटे बाद बरामद किया जा सका। रोहित की तलाश में एसडीआरएफ की दो टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी थीं। बहरहाल पुलिस ने शव को पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रोहित की मौत से हर कोई स्तब्ध है। शायद उसे भी अनहोनी का अंदाजा हो गया था। रोहित के भाईयों ने बताया कि वो बार-बार 10 मिनट में नहाकर आने की बात कह रहा था, फिर अचानक बीच में बोला कि नहाने का मजा तब ही है, जब बॉडी फूलकर ऊपर आ जाए। ये शब्द सुनकर उसके साथी सन्न रह गए। सबने रोहित को डांटा भी था। हुआ भी ऐसा ही।
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25 वर्षीय रोहित कुमार पुत्र प्रकाश चंद हल्द्वानी के हल्दूचौड़ में रहता था। शनिवार को वो अपने भाई और साथियों के साथ नावली क्षेत्र में कोसी नदी में नहाने गया था। नदी में उतरने के बाद रोहित भंवर में फंसकर सबकी नजरों से ओझल हो गया। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की दो टीमों ने एनडीआरएफ के साथ सर्च अभियान चलाया, लेकिन रोहित का कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ ने एक बार फिर कोसी नदी में रोहित को खोजा। तभी चमड़िया के पास कोसी नदी के बीचों-बीच रोहित का शव फंसा मिला। शव को बाहर निकालने के लिए टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी बड़ी। हादसे के चौथे दिन रोहित का शव बरामद कर लिया गया है। इन दिनों पहाड़ में नदियां उफनाई हुई हैं। ऐसे में जितना संभव हो नदियों-तालाबों और गदेरों से दूर रहें।