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Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले में स्थित है खूबसूरत गांव हर्षिल..सभी जानते हैं कि यहां के सेब और राजमा पूरे देश में मशहूर है..लेकिन एक बात जिसे ज्यादा लोग नहीं जानते वो है ‘पहाड़ी विल्सन’ या ‘हुलसन साहिब’ की कहानी। फ्रेड्रिक ई. विल्सन यानि पहाड़ी विल्सन पहले अंग्रेज थे जो यहां आकर न सिर्फ बसे बल्कि शादी भी यहीं की महिला से रचाई..वो भी दो-दो बार। उनकी जिंदगी किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती है...पहाड़ी विल्सन को लेकर लोगों के दो मत हैं..कुछ लोगों की नजर में वो राजा थे..जिन्होंने यहां आकर यहां के लोगों की जिंदगी बदल दी..तो कुछ के मुताबिक एक ऐसे शख्स जिन्होंने उत्तराखंड को सिर्फ बर्बादी दी
कौन थे पहाड़ी विल्सन
फ्रेड्रिक ई विल्सन ब्रिटिश आर्मी के एक जवान थे...जो मसूरी में तैनात थे..बताया जाता है कि वो वहां से भाग कर हर्षिल पहुंचे और फिर यहीं के होकर रह गए...ये साल 1841 की बात है...थोड़े ही समय में विल्सन यहां पूरी तरह से रच बस गए..वो पहाड़ी भाषा बोलते थे और उनका रहन सहन भी ठेठ पहाड़ी था..उन्होंने शादी भी पहाड़ी युवती से ही रचाई..उन्होंने दो शादियां कीं..पहली पत्नी से कोई बच्चा न होने से दुखी विल्सन ने दोबारा यहीं की एक लड़की से शादी की जिससे उनके तीन बेटे हुए। जल्द ही टिहरी के तत्कालीन महाराज से लकड़ी के काम का ठेका हासिल कर लकड़ी के एक बड़े व्यापारी बन गए। कुछ लोगों के मुताबिक विल्सन ब्रिटिश आर्मी के जासूस थे जो उनके लिए जानकारियां इकठ्ठा करते थे और इसी के एवज में आर्मी उनको पूरा सहयोग देती थी...यही वजह है कि कम समय में ही वो रईस लोगों में गिने जाने लगे। आगे पढ़िए