उत्तराखंड: इस नेचुरल स्विमिंग पूल के सोशल मीडिया पर चर्चे, आनंद महिंद्रा ने भी की तारीफ

खेला गांव की खूबसूरत तस्वीरें लोगों को हैरान किए हुए हैं। जो लोग कभी मालदीव और बाली जैसी जगहों पर छुट्टियां बिताने का ख्वाब देखते थे, वो अब हमारे खेला गांव आना चाहते हैं।
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Uttarakhand Khela Village: Swimming pool of Khela village of Uttarakhand
Image: Swimming pool of Khela village of Uttarakhand

पिथौरागढ़: उत्तराखंड की सुरम्य वादियों की बात ही निराली है। यहां आपको नैसर्गिक सुंदरता, सुकून और अपनेपन के अलावा एक ऐसा अहसास भी मिलता है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जो यहां आता है, वो बस यहीं का होकर रह जाता है। उत्तराखंड में ऐसी कई अनछुई जगहें हैं, जिनके बारे में लोग आज भी ज्यादा नहीं जानते। हाल में जब प्रकृति का एक ऐसा ही खूबसूरत खजाना तस्वीर के माध्यम से सामने आया, तो इंटरनेट पर इस जगह की खोजबीन के लिए होड़ सी लग गई। इस तस्वीर को देखने के बाद मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद तो देखते ही देखते प्राकृतिक पूल की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर छा गई। जो लोग मालदीव और बाली जैसी जगहों पर छुट्टियां बिताने का ख्वाब देखते थे, वो इस जगह आने के लिए मचल उठे। सोशल मीडिया पर चर्चा हुई कि ये तस्वीर हिमाचल की है, लेकिन वास्तव में ये जगह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित है। यहां धारचूला तहसील में एक गांव है खेला, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर इसी गांव की है। अब आपको इस वायरल तस्वीर के पीछे का छिपा हुआ सच भी बताते हैं। दरअसल ये तस्वीर जिस खेला गांव की है, वो आज भी सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य और संचार सेवाओं की कमी से जूझ रहा है।

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आलम ये है कि गांव में नेटवर्क नहीं आता, लोग अपनों से बात करने के लिए नेपाली सिम का इस्तेमाल करते हैं। पढ़ाई के लिए गांव में एक इंटर कॉलेज है, लेकिन सिलेंडर लेने के लिए 7 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ता है। स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। लोग बीमार पड़ते हैं तो उन्हें डोली-कंडी से पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। गांव में एक हजार की आबादी है, ज्यादातर लोग फौज में हैं इसलिए परिवार बाहर ही रहते हैं। पिछले दिनों गांव के रहने वाले नरेश धामी ने यहां की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जो कि देखते ही देखते वायरल हो गई। गांव में रहने वाले रघुनंदन राकेश कहते हैं कि हमारे गांव में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं, जो बरसात में स्वर्ग जैसी नजर आती हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार प्रकृति से मिले इस खूबसूरत तोहफे को सहेज नहीं पा रहे। अब एक तस्वीर के माध्यम से हमारा गांव सुर्खियों में आ गया है। उम्मीद है इस तस्वीर के बहाने ही सही, यहां सड़क और संचार सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। विकास के काम होंगे। हमारा गांव विश्व स्तर पर पहचाना जाए, इससे बड़ी बात भला क्या हो सकती है।