उत्तराखंड में बरसात का कहर, कैंपटी फॉल में पत्थर और मलबा आने के खतरे को देखते हुए पर्यटकों के नहाने पर लगाई रोक।
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Komal Negi
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Image: Danger of getting stones and debris in Kempty Falls
देहरादून: मानसूनी बारिश उत्तराखंड में तबाही मचा रही है। देहरादून में बीती 11 जुलाई को हुई मूसलाधार बरसात के कारण नदियां अपने उफान पर हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी की बात करें तो यहां पर बारिश के बाद कैंपटी फॉल में उफान आ रखा है। कैंपटी फॉल के मुख्य झरने ने विकराल रूप धारण कर लिया है और मसूरी में सड़कों पर जगह-जगह मलबा जमा है जिससे पर्यटक भी परेशान हो रहे हैं। मसूरी में रोड बंद होने के कारण यहां पर जगह-जगह जाम लगा रखा है। कैंपटी फॉल के आसपास के क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते झरने में पत्थर एवं मिट्टी आने का खतरा बना हुआ है जिसके बाद प्रशासन ने झरने में पर्यटकों के नहाने पर रोक लगा रखी है। बीते रविवार को कैंपटी फॉल में बड़ी मात्रा में मिट्टी आने से यहां पर मलबा फैल गया जिस कारण रविवार को यहां पर पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही और पर्यटक झरने में नहाने का लुफ्त नहीं उठा पाए।
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बता दें कि शनिवार की देर रात से यह मसूरी एवं कैंपटी फॉल में मूसलाधार बरसात हो रही है जिस कारण बारिश के चलते कैंपटी फॉल में झरने पर पत्थर एवं मिट्टी आने का खतरा बढ़ा हुआ है जिसके बाद पर्यटकों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन ने यहां पर उनके नहाने पर रोक लगा रखी है। इससे पहले भी कई पर्यटक झरने से पत्थर गिरने के कारण चोटिल हुए हैं जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। बीते रविवार को पर्यटक फॉल के आसपास घूमते हुए नजर आए मगर झरने में नहाने से वंचित रहे। वहीं थानाध्यक्ष नवीन चंद का कहना है कि कैंपटी फॉल का जलस्तर बेहद बढ़ गया है और फॉल अपने उफान पर है जिस कारण फॉल के पानी का बहाव तेज है और पत्थर भी गिर रहे हैं। मुख्य झरने में भारी मलबा और पत्थर आ गए हैं जिस वजह से कैंपटी फॉल में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
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प्रशासन का कहना है कि जबतक बरसात का कहर कम नहीं हो जाता तबतक पर्यटकों के कैंपटी फॉल में नहाने पर रोक लगी रहेगी। बता दें उत्तराखंड में बीती 10 जुलाई से मूसलाधार बरसात हो रही है जिस कारण जगह-जगह सड़कें बाधित हो रखी हैं, नदियां उफान पर आ रखी हैं।मौसम विभाग की मानें तो बारिश का यह सिलसिला आने वाले कुछ दिनों तक और रह सकता है। बारिश आने वाले कुछ दिन और लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। 12 जुलाई की बात करें तो आज मौसम विभाग ने देहरादून समेत आठ जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताते हुए वहां पर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। वे जिले हैं देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़। इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हरिद्वार और चंपावत जनपद में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है।