उत्तराखंड: सड़क पर तड़प रहे थे मां-पिता और मासूम बच्ची, SP क्राइम प्रदीप ने बचाई जान

सड़क हादसे में घायल दंपति की जान बचाने के लिए एसपी क्राइम प्रदीप राय उन्हें खुद अस्पताल ले गए। सोशल मीडिया पर लोग उत्तराखंड के इस पुलिस अफसर को सैल्यूट कर रहे हैं।
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Haridwar News: SP Crime Pradeep Rai saved peoples lives
Image: SP Crime Pradeep Rai saved peoples lives

हरिद्वार: पुलिस को लेकर आज भी आम लोगों के मन में डर वाली छवि है, लेकिन कुछ अफसर हैं, जो इस छवि को बदलने का प्रयास कर रहे हैं, लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। हरिद्वार के एसपी क्राइम प्रदीप राय ऐसे ही अफसरों में से एक हैं। हाल में एसपी क्राइम प्रदीप राय ने फरिश्ता बनकर घायल दंपति और 4 साल की मासूम की मदद की। उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। इस तरह समय पर इलाज मिलने से दंपति और उनकी बेटी की जान बच गई। सोशल मीडिया पर एसपी क्राइम प्रदीप राय के काम की खूब सराहना हो रही है। लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं। मामला हरिद्वार के बीएचईएल क्षेत्र का है। जहां देर रात हुई एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार मोहन कश्यप, पूनम कश्यप और उनकी 4 साल की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायल सड़क पर पड़े-पड़े तड़प रहे थे, लेकिन किसी ने भी उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। इस बीच एसपी प्रदीप राय उधर से गुजरे, तभी उनकी नजर घायल दंपती और उनकी बेटी पर पड़ी।

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रात लगभग साढ़े 9 बजे एसपी ट्रैफिक ने बिना देरी किए न सिर्फ घायल दंपति और बच्चे को अपने वाहन से सिटी अस्पताल भर्ती कराया, बल्कि घायलों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया। हादसे में मोहन कश्यप और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनका हिमालयन हॉस्पिटल (जौलीग्रांट) में इलाज चल रहा है। आपको बता दें कि प्रदीप राय हाल में आईपीएस बने हैं। वर्तमान में वो हरिद्वार एसपी ट्रैफिक और क्राइम के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी मंडल के गाजीपुर के रहने वाले प्रदीप ने गोरखपुर से बीएससी की। इलाहाबाद से एलएलबी और एलएलएम किया है। पुलिस की नौकरी से पहले वो सेबी के लॉ अफसर रहे। साल 2005 में उत्तराखंड पुलिस का हिस्सा बनने वाले प्रदीप 2002 बैच के पीपीएस हैं। वो ऊधमसिंहनगर, उत्तरकाशी और देहरादून में भी सेवाएं दे चुके हैं।