गढ़वाल: जंगल में हुआ दंगल, वर्चस्व की लड़ाई हारा टस्कर हाथी..पेट फटने से हुई दर्दनाक मौत

पिछले साल ऐसी ही एक घटना ऋषिकेश में भी हुई थी। यहां राजाजी बाघ अभ्यारण्य की चीला रेंज में वर्चस्व की लड़ाई में एक हाथी की जान चली गई थी।
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Lansdowne Forest Division Elephant Elephant Death in Lansdowne Forest Division: Elephant death in Lansdowne Forest Division
Image: Elephant death in Lansdowne Forest Division

पौड़ी गढ़वाल: लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज में वर्चस्व की लड़ाई में बुरी तरह घायल हुए एक हाथी की मौत हो गई। यहां हाथियों के बीच जबर्दस्त संघर्ष हुआ। इस दौरान एक हाथी का पेट फट गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना मंगलवार की है। शाम को लालपानी बीट में दो हाथियों के बीच संघर्ष हो गया था। हाथियों की चिंघाड़ से पूरा क्षेत्र दहल उठा। डरे हुए लोगों ने वनकर्मियों को सूचना दी, लेकिन जब तक टीम मौके पर पहुंची तब तक एक टस्कर हाथी के गंभीर रूप से घायल होने के साथ संघर्ष खत्म हो चुका था। वनकर्मियों ने बताया कि आपसी संघर्ष में एक विशालकाय टस्कर हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। वनकर्मियों ने उसे घायल अवस्था में झुंड के बीच देखा और उसको फॉलो करने लगे। देर शाम घायल हाथी बहेड़ास्रोत के पास जमीन पर बैठ गया। इसके बाद अन्य हाथी वहां से चले गए।

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बुधवार सुबह वनकर्मियों ने हाथी को लालपानी बीट कक्ष संख्या एक पर जमीन पर पड़े देखा। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। कर्मचारी नजदीक गए तो देखा कि हाथी की मौत हो चुकी है। जिसके बाद उन्होंने आला अधिकारियों को सूचना दी। टस्कर हाथी के जंगल में मरने की सूचना मिलते ही डीएफओ समेत सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बाद में डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि आपसी संघर्ष के दौरान नर हाथी का पेट फट गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में हाथी के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टर्माटम के बाद हाथी को दफना दिया गया। आपसी संघर्ष में मारे गए नर हाथी की उम्र 45 साल थी। आपको बता दें कि पिछले साल मई में ऐसी ही एक घटना ऋषिकेश में भी हुई थी। यहां राजाजी बाघ अभ्यारण्य की चीला रेंज में वर्चस्व की लड़ाई में बुरी तरह घायल हुए एक हाथी की मौत हो गई थी।