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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में आया आपदा का सैलाब अपने पीछे कई रुलाने वाली कहानियां छोड़ गया। रात के वक्त जब लोग घरों में सो रहे थे, तभी मांडो गांव में बादल फटने के बाद तबाही आ गई। इस सैलाब में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रितु और उनकी छह साल की बेटी समेत तीन लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। रितु की जेठानी माधुरी भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठी। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रितु करीब 15 दिन पहले ही अपनी बेटी को साथ लेकर उत्तरकाशी आई थी। जेठ देवानंद भट्ट और जेठानी माधुरी ने बड़े प्यार से उन्हें गांव आने का निमंत्रण दिया था, लेकिन किसे पता था कि रितु और उनकी 6 साल की बेटी यहीं दफन होकर रह जाएंगी। दुर्भाग्य से ऐसा ही हुआ। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश मांडों गांव निवासी देवानंद भट्ट और उसके छोटे भाई दीपक भट्ट के परिवार पर कहर बनकर टूटी। देवानंद भट्ट का घर देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। हादसे में माधुरी, रितु और उनकी 6 साल की बेटी की मौत हो गई। आगे पढ़िए