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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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पौड़ी गढ़वाल: चमत्कार केवल फिल्मों में ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी होते हैं। उत्तराखंड के कोटद्वार में भी एक ऐसा ही अजब सा चमत्कार हुआ है जिसको सुनकर आप भी चौंक उठेंगे। जी हां, जाको राखे साइयां मार सके ना कोई कहावत तो आपने सुनी होगी। उत्तराखंड में इस कहावत को सच साबित करती एक घटना उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आई है। कोटद्वार में एक युवक मौत को करीब से महसूस कर वापस जिंदा लौटा है। युवक दो दिन पहले हादसे का शिकार हो गया था। 2 दिन तक किसी को भी हादसे की भनक तक नहीं लगी। युवक स्कूटी सहित खाई में दो दिन तक भूखा प्यासा बदहवास पड़ा रहा। वो तो युवक की किस्मत अच्छी रही कि 2 दिन के बाद एसडीआरएफ की टीम देवदूत बनकर सामने आई और युवक को खाई से बाहर निकाला। युवक ने खाई के भीतर से मदद के लिए बहुत आवाज लगाई मगर किसी ने भी नहीं सुना। 2 दिन तक युवक खाई में मदद की आशा में रहा और उसने हिम्मत नहीं खोई। यह ईश्वर का करिश्मा ही है कि युवक मौत के मुंह से वापस लौटा है। घायल युवक की पहचान 29 वर्षीय उपेंद्र त्यागी निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। उपेंद्र किसी निजी काम से गाजियाबाद से कोटद्वार आया हुआ था और वह हादसे का शिकार हो गया। दुगड्डा के पास उपेंद्र की स्कूटी का बैलैंस बिगड़ गया और वह सीधा खाई में जा गिरा। 2 दिन तक किसी को भी हादसे की भनक तक नहीं लगी। आगे पढ़िए