बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेशभर में तीन दर्जन से ज्यादा मार्ग बाधित हैं। आज नैनीताल, पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी समेत चार जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
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Komal Negi
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Heavy rain likely in 4 districts of Uttarakhand
चमोली: प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के चलते समस्या पैदा हो गई है। पहाड़ में भूस्खलन से सड़कें ब्लॉक हैं तो वहीं मैदानों में जलभराव ने दिक्कतें बढ़ाई हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं, बारिश का पानी घरों में घुस गया है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल बारिश के साथ आई मुश्किलों से राहत नहीं मिलेगी। आज नैनीताल, पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी समेत चार जिलों में भारी बारिश की संभावना है। यहां आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं गरज के साथ बौछार पड़ने के आसार हैं। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, इसके साइड इफेक्ट भी नजर आ रहे हैं। बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन उनकी मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। राज्य में पिछले एक हफ्ते से लगातार बारिश हो रही है। कुमाऊं के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, लेकिन गढ़वाल में बारिश सामान्य से कम है।
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बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेशभर में तीन दर्जन से ज्यादा मार्ग बाधित हैं। सड़कों के साथ पहाड़ियों के दरकने का सिलसिला बना हुआ है। कुमाऊं में चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। यहां सड़कें और पुल बारिश की भेंट चढ़ गए। पहाड़ से पत्थर गिरने की वजह से बीते दो दिनों में दो लोगों की जान जा चुकी है। सड़कों का भी हाल बुरा है। नैनीताल में राजभवन मार्ग का 20 मीटर हिस्सा बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली के पोल को भी नुकसान पहुंचा है। बदरीनाथ-रुद्रप्रयाग हाईवे भी मलबा आने की वजह से बंद है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी गंगतल में मलबा आने से बंद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 25-26 जुलाई को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। मौसम खराब है, ऐसे में जितना संभव हो पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें। सुरक्षित जगहों पर रहें, नदियों-गदेरों से दूरी बनाए रखें।