उत्तराखंड में बाहर से आने वालों के लिए RT-PCR जरूरी, 24 घंटे में बयान से पलटे CM धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट की बाध्यता खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब वो पूर्व में दिए अपने बयान से पलट गए हैं।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Uttarakhand RTPCR: RT-PCR necessary for those coming from outside in Uttarakhand
Image: RT-PCR necessary for those coming from outside in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए एक दिल तोड़ने वाली खबर है। पर्यटकों को उत्तराखंड घूमने आना है तो अपने साथ कोविड नेगेटिव रिपोर्ट जरूर लानी होगी। ऐसा नहीं किया तो उत्तराखंड में एंट्री नहीं मिलेगी। शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट की बाध्यता खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब वो पूर्व में दिए अपने बयान से पलट गए हैं। सीएम ने कहा कि वैक्सीन की डबल डोज लगाने वालों को ही उत्तराखंड में बिना जांच के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। जो पर्यटक उत्तराखंड आना चाहते हैं, उन्हें बॉर्डर पर कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, तभी प्रदेश में आने की इजाजत दी जाएगी। आपको बता दें कि शुक्रवार को सीएम धामी ने हरिद्वार रोड स्थित एक कार्यक्रम में पर्यटकों को राहत देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड में प्रवेश की लिए आरटीपीसीआर की बाध्यता खत्म की जाएगी। इस बाबत अफसरों को निर्देश दिए जा चुके हैं, जल्द ही एसओपी जारी की जाएगी, लेकिन नए बयान में सीएम ने इस बात से साफ इनकार किया।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: धीरे-धीरे धंस रहा है मस्ताड़ी गांव, 24 साल से खौफ में जी रहे लोग..टैंट में रहने की मजबूरी
शनिवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री बोले कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगवाने वालों को ही प्रदेश में बगैर जांच के एंट्री दी जाएगी। अन्य सभी को 72 घंटे पूर्व की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट साथ लानी होगी। सीएम धामी ने ये भी कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। 2 अगस्त से स्कूल खुल जाएंगे। प्रदेश में अध्ययन, स्वास्थ्य विभागों के आंकड़ों व अन्य प्रदेशों की स्थिति के आंकलन के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है, छात्रों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। सरकार ने प्रदेश और आने वाली पीढ़ी के हित में यह कदम उठाया है। जिन अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं हैं, वहां समन्वय कर इन्हें उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।