Uttarakhand news: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ संकेत दिया है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ सकती है। पढ़िए पूरी खबर..
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: BJP CM candidate in Assembly elections 2027 revealed
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को BJP हाईकमान का बड़ा समर्थन मिला है। मोदी, शाह और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी धामी के नेतृत्व की सराहना की। जानिए अगली चुनाव रणनीति क्या संकेत देती है।
BJP CM candidate in Assembly elections 2027 revealed
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरल कार्यशैली, तेज निर्णय क्षमता और जनता से सीधे संवाद की नीति ने भाजपा नेतृत्व को प्रभावित किया है। विकास कार्यों में निरंतरता और जन समस्याओं के त्वरित समाधान ने उन्हें पार्टी के भीतर मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलकर कहा कि पार्टी हमेशा ट्रैक रिकॉर्ड को प्राथमिकता देती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने बेहतर काम किया है और जनता के जीवन स्तर में सुधार आया है। इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है, जहां धामी को फिर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। आगे पढ़िए..
मोदी, शाह और राजनाथ पहले ही कर चुके हैं समर्थन
इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh भी सार्वजनिक मंचों से धामी सरकार के कार्यों की सराहना कर चुके हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को भी धामी के प्रति विश्वास के रूप में देखा गया।
राजनीतिक स्थिरता का चेहरा बने धामी
उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति रही है, लेकिन धामी ने अपने कार्यकाल में स्थिरता और संतुलन बनाए रखा। यही कारण है कि पार्टी उन्हें लगातार आगे बढ़ाने के मूड में दिखाई दे रही है।
भाजपा नेतृत्व के लगातार मिल रहे समर्थन से यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी धामी ही पार्टी का चेहरा हो सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यही रणनीति जारी रही, तो भाजपा उत्तराखंड में “हैट्रिक” का दांव खेल सकती है।