उत्तराखंड: ओलंपिक हैट्रिक गर्ल वंदना के परिजनों से शर्मनाक हरकत, सख्त हुआ मानवाधिकार आयोग

हैट्रिक गर्ल वंदना ने अपने शानदार खेल की बदौलत इतिहास रच दिया, बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया, लेकिन कुछ लोगों से वंदना की सफलता देखी नहीं गई। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Vandana Kataria: Human Rights Commission sought report in the case of Vandana Kataria
Image: Human Rights Commission sought report in the case of Vandana Kataria

हरिद्वार: टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया पर पूरा देश प्यार लुटा रहा है। गोल की हैट्रिक लगाने वाली वंदना ने अपने शानदार खेल की बदौलत इतिहास रच दिया, बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया, लेकिन कुछ लोगों से वंदना की सफलता देखी नहीं गई। इन लोगों ने वंदना के परिवार के साथ शर्मनाक हरकत की। टीम की हार के बाद उनके घर के आगे पटाखे फोड़े, परिवार वालों को गालियां दी। जातिसूचक शब्द भी कहे। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मानवाधिकार आयोग ने भी वंदना कटारिया के परिजनों को जातिसूचक शब्द कहने और उनके घर के बाहर पटाखे छोड़ने की घटना का संज्ञान लिया है। आयोग ने हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदेई को चार हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति अखिलेश चंद्र शर्मा और आरएस मीणा की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अखबार की कॉपियां भेजकर उनसे पूरे मामले पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया।

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उन्होंने इस मामले में पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। यहां आपको पूरा मामला भी जानना चाहिए। टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हुए मुकाबले के दौरान भारतीय टीम मैच हार गई। इससे वंदना का परिवार मायूस हो गया। ठीक उसी समय पुरानी रंजिश के चलते पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने वंदना के घर के बाहर पटाखे फोड़े। वंदना के परिजनों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें गालियां दीं, जातिसूचक शब्द किए। बुधवार देर रात पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी विजय पाल और अंकुर पाल सगे भाई हैं। तीसरा आरोपी सुमित चौहान पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने एसएसपी हरिद्वार को गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं।