पिथौरागढ़ DM आशीष ने लिया सख्त एक्शन, जनता के काम में देरी पर रोका इंजीनियरों का वेतन

दारमा वैली को जोड़ने वाली ये रोड पिछले 59 दिनों से बंद है। जिससे घाटी के सैकड़ों गांव अलग-थलग पड़े हैं। दो महीने बाद भी रोड के खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे।
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Engineers Salary Stopped: Salary of two engineers stopped in Pithoragarh
Image: Salary of two engineers stopped in Pithoragarh

पिथौरागढ़: आईएएस डॉ. आशीष चौहान। उत्तराखंड के तेजतर्रार अफसरों में से एक। कुछ दिन पहले ही पिथौरागढ़ की कमान संभालने वाले डीएम डॉ. आशीष चौहान एक बार फिर एक्शन में नजर आ रहे हैं। बीते दिन उन्होंने धारचूला में चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क का निरीक्षण किया। दारमा वैली को जोड़ने वाली ये रोड पिछले 59 दिनों से बंद है। जिससे घाटी के सैकड़ों गांव अलग-थलग पड़े हैं। रोड बंद हुए दो महीने होने वाले हैं, लेकिन इसके खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे। डीएम ने सड़क खोलने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए सीपीडब्ल्यूडी सहायक अभियंता और अवर अभियंता की सैलरी रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से कहा कि सड़क खोलने का काम रात में भी जारी रखें। इसके लिए मैन पावर और मशीनरी बढ़ाने के साथ ही एसडीएम को लाइट का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

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डीएम ने घटखोला में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नर्सिंग कॉलेज और वहां पर स्थित सीपीसी सेंटर की व्यवस्थाएं भी जांची। इस दौरान नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य अनुपस्थित मिली। जिस पर डीएम ने प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के आदेश दिए। यहां पर लगाए गए अग्निशमन उपकरण भी एक्सपायरी डेट के मिले। सीपीसी सेंटर में पंजिका रजिस्टर में गड़बड़ी पाई गई। रजिस्टर में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के क्रमांक के आगे प्रश्नचिह्न लगाने के बाद भी कर्मचारियों के हस्ताक्षर किए गए थे। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई और सीपीसी सेंटर प्रभारी को एक मूवमेंट रजिस्टर बनाने को कहा। डीएम ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर सौ बेड बनाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. एचसी पंत और सीपीसी प्रभारी डॉ. कुंदन कुमार भी मौजूद रहे।