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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: देहरादून-मसूरी के बीच एशिया की दूसरी सबसे लंबी रोपवे सेवा शुरू करने की कवायद जारी है। प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों ने भी सहमति दे दी है, लेकिन उनकी एक शर्त है। लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के साथ उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं, साथ ही क्षेत्र का विकास भी किया जाए। बता दें कि देहरादून के पुरुकुल से मसूरी के लाइब्रेरी तक रोपवे प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। रोपवे सेवा शुरू होगी तो देहरादून और मसूरी आने-जाने वाले लोग जाम में फंसे बिना एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे। इससे सफर आसान बनेगा, पर्यटकों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की सहमति भी जरूरी है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जन सुनवाई का आयोजन किया। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से आयोजित इस जन सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम जीसी गुणवंत ने की।