देहरादून-मसूरी के बीच बनेगा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे..स्थानीय लोगों को रोजगार

रोपवे सेवा शुरू होने पर देहरादून और मसूरी आने-जाने वाले लोग जाम में फंसे बिना एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे। इससे सफर आसान बनेगा, पर्यटकों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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Image: Dehradun mussoorie rope way update

देहरादून: देहरादून-मसूरी के बीच एशिया की दूसरी सबसे लंबी रोपवे सेवा शुरू करने की कवायद जारी है। प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों ने भी सहमति दे दी है, लेकिन उनकी एक शर्त है। लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के साथ उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं, साथ ही क्षेत्र का विकास भी किया जाए। बता दें कि देहरादून के पुरुकुल से मसूरी के लाइब्रेरी तक रोपवे प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। रोपवे सेवा शुरू होगी तो देहरादून और मसूरी आने-जाने वाले लोग जाम में फंसे बिना एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे। इससे सफर आसान बनेगा, पर्यटकों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की सहमति भी जरूरी है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जन सुनवाई का आयोजन किया। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से आयोजित इस जन सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम जीसी गुणवंत ने की।

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उन्होंने कहा कि यह रोपवे देहरादून और मसूरी दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों और कारोबारियों के सुझाव भी शामिल किए गए हैं। कार्यक्रम में मसूरी स्काई कार प्राइवेट लिमिटेड के अफसरों ने ग्रामीणों को प्रोजेक्ट और रोपवे से होने वाले फायदों के बारे में बताया। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रोपवे से सृजित होने वाले रोजगार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए भी काम किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि रोपवे प्रोजेक्ट से निश्चित तौर पर क्षेत्र का विकास होगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बता दें कि देहरादून-मसूरी में रोपवे को सामान्य परिवहन सेवा के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी है। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों का सफर आसान बनेगा। दून में हुई जनसुनवाई में स्थानीय लोगों के समर्थन के बाद प्रोजेक्ट एक कदम और आगे बढ़ा है।