उत्तराखंड के 7 जिलों को 6 सितंबर तक कोई राहत नहीं, भारी बारिश का अलर्ट जारी

उत्तराखंड में 6 सितंबर तक भारी बरसात को मध्यनजर रखते हुए मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट, जानिए किन जिलों के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Uttarakhand rain: Heavy rain yellow alert in uttarakhand
Image: Heavy rain yellow alert in uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में बीते कई दिनों से बरसात ने लोगों का जीना बेहाल कर रखा है। जहां एक ओर मैदानी जिलों में भारी बरसात के कारण जलभराव हो रहा है तो वहीं पहाड़ी जिलों में तो और ज्यादा हालत बुरी है और वहां पर लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। पर्वतीय क्षेत्र में कई सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं और भूस्खलन के कारण कई हिस्सों में भारी तबाही मची है। हर कोई बस यही प्रार्थना कर रहा है कि बारिश से राहत मिले मगर फिलहाल उत्तराखंड के निवासियों को बरसात से राहत नहीं मिलेगी। देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र में आने वाली 6 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश को मध्य नजर रखते हुए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाली 6 सितंबर तक राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम खराब रहेगा और मूसलाधार बरसात का सिलसिला भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार आज पहाड़ी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं कहीं पर भारी बरसात के आसार बन रहे हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ वज्रपात, किस्मत से बची कई छात्रों और शिक्षकों की जान
6 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान लगाते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। बात करें 5 सितंबर की तो 5 सितंबर को टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, राजधानी देहरादून, बागेश्वर, चंपावत समेत अन्य स्थानों पर भारी से बहुत अधिक भारी बारिश का अंदेशा है जबकि 6 अगस्त को भी राजधानी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत में बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली चमकने की संभावनाएं हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने इन सभी जिलों में रहने वाले लोगों को 6 सितंबर तक सुरक्षित रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट के चलते भूस्खलन, सड़कों पर मलबा आने, नदी नालों में पानी का जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया है।