सेवानिवृत के जीपीएफ में जानबूझकर देरी की शिकायत पर जांच के निर्देश, सीएम आवास में मुख्यमंत्री का जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Janata Darbar held in Uttarakhand CM residence
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बङी संख्या में आए लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिये। जनता मिलन कार्यक्रम में आए सभी लोगों की शिकायतों का पंजीकरण किया गया और उन्हें रजिस्टर में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को पूरी गम्भीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं और शिकायतो का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। अपनी समस्याएं लेकर आने वालों में कुछ दिव्यांग भी थे। मुख्यमंत्री खुद उनके पास गये और उनकी शिकायतों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त सभी जन शिकायतों की मानिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। अधिकारी पूरी गम्भीरता से सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता से करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गईं तो जिम्मेदारी फिक्स करते हुए कङी कार्रवाई की जाएगी। आगे पढ़िए
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: युवाओं के लिए अच्छी खबर, देहरादून में रोजगार मेला..आ रही हैं 16 कंपनियां
हरिद्वार के रवि सिंह रौथाण द्वारा यह बताए जाने पर कि उनके पिताजी की शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ की राशि देने में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने इसके जांच के निर्देश दिये और कहा कि जानबूझकर विलम्ब किया जाना पाया जाए तो संबंधित के खिलाफ कङी कार्रवाई की जाए।
शक्तिफार्म के श्री सुहास हलदर द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त की राशि न आने की बात पर मुख्यमंत्री ने मामले का परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
हरिद्वार के राजेश कुमार सैनी द्वारा पुलिस में उनके प्रकरण की सुनवाई न होने की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने डीआईजी गढ़वाल को इसकी जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पङे।
उम्मेद सिंह रावत द्वारा छूट गये राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया 31 दिसम्बर तक बढाने के निर्देश दे दिए हैं। आगे पढ़िए
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: एसबीएस कॉलेज के प्रो. केके पांडेय बने प्रिंसिपल ऑफ द ईयर, बधाई दें
काशीपुर के कुंवर सिंह ने उनके बच्चे को एजुकेशन लोन दिलाने, देहरादून के श्री कमलेश ने पीएम शहरी आवास में आवास दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इनपर समुचित कार्यवाही करने को अधिकारियों को कहा।
प्रदीप कुमार ने आवास विकास परिषद में मकान का नक्शा पास न होने की बात कही जबकि व्यापार मंडल देहरादून के श्री अभिषेक शर्मा ने भी उनके यहाँ नक्शा पास की व्यवस्था कराये जाने का आग्रह किया। जस्सोवाला के श्री नंदकिशोर गौङ द्वारा बारातघर के लिए अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने डीएम देहरादून को इसका परीक्षण करने के निर्देश दिये।
सोमाल्टा के सरदार सिंह द्वारा क्षतिग्रस्त सङक मार्ग को ठीक कराने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितम्बर से पूरे प्रदेश में गड्ढा मुक्त सङकों का अभियान शुरू किया जा रहा है। घनशाली के श्री उम्मेद सिंह बिष्ट ने किसान सेवा केन्द्र में कम्प्यूटर दिये जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने इसके प्रति उन्हें आश्वस्त किया।
इसके अतिरिक्त अनेक युवाओं द्वारा विभिन्न विभागों में भर्ती की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए बङी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। सीएम विवेकाधीन कोष से मदद संबंधी सभी आवेदनों का परीक्षण उपरांत समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये।
इसके अलावा सङक, बिजली, पानी आदि समस्याओं को लेकर भी लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। आज के जनता मिलन कार्यक्रम में 300 के करीब लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याओं का पंजीकरण कराया।